मोदी की लहर से थमी चीन और पाकिस्तान की डगर indo-america-relation-and-china




न्यूज़ डेस्क, नमो,,,, नमो मोदी की लहर ना केवल हिन्दुस्तान में बल्कि पुरे विश्व में लहरा रही है। जिस कारण हिंदुस्तान के पडोसी देश चीन और पाकिस्तान में बेचैनी बढ़ गई है। अमेरिका के मोदी प्रेम से एक और जंहा पाकिस्तान पर कूटनीतिज्ञ रूप से दबाब बना है। वही अमेरिका द्वारा भारतीय सीमा पर चीन द्वारा सुरक्षा कर्मी को बढ़ाये जाने का विरोध करने पर चीन की सत्ता में हलचल मच गई है। indo-america-relation-china

चीन ने अमेरिका द्वारा लगाये गये आरोप का खंडन करते हुए कहा कि दोनों देश को इतनी समझ है कि कैसे दोनों देशो के बीच शांति स्थापित हो। अतः अमेरिका को हमारे फैसले का सम्मान करना चाहिए। एक और जंहा अमेरिका भारत के बढ़ते प्रेम से पाकिस्तान हैरान-परेशान है। वही अब चीन भी इस दोस्ती से नाखुश है। चीन ने दो टूक में अमेरिका को जबाब दिया है। जबकि इस सम्बन्ध में भारत की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं की गई है। indo-america-relation-china

अमेरिका मोदी के सच्चे और अच्छे दोस्त का प्रमाण कई बार दे चूका है। जैसे पाकिस्तान को फ-16 लड़ाकू विमान सब्सिडी पर नहीं देने की घोषणा, भारत को नाटो सदस्य जैसा अमेरिका में दर्जा, भारत को एनएसजी में एंट्री कराने की पेशकश, चीन पर सीमा पर अधिक सैन्य कर्मी तैनात करने का आरोप, भारत के इण्टरसेप्टिक मिसाइल के परीक्षण पर बधाई सन्देश देना आदि है। indo-america-relation-china

अमेरिका के भारत के प्रति बढ़ते सहयोग से पाकिस्तान और चीन की डगर थमने सी लगी है। पाकिस्तान अब खुलकर अमेरिका के विरोध में आ गया है । जबकि चीन ने भी भारत-अमेरिका के बढ़ते प्रेम के लिए राजनीति पैतरे देना प्रारम्भ कर दिया है। indo-america-relation-china

ढाका हमले से जुड़ रहे है दिग्विजय के तार 

मोदी दो साल के कार्यकाल में 7 बार अमेरिका जा चुके है। जबकि अगले महीने मोदी जी फिर से अमेरिका के दौरे पर जाएंगे। यह इस बात का प्रत्य्क्ष प्रमाण है कि मोदी जी की लहर अमेरिका में भी बह रही है। जिससे पहले पाकिस्तान अब चीन भी सकते में आ गया है। indo-america-relation-china