मोदी को पाक और चीन पर काबू पाने के लिए हेलीकाप्टर स्ट्रोक्स खेलने की है जरुरत !




भारत को पाकिस्तान और चीन पर काबू करने के लिए नई तरीके से रणनीति बनाकर ही आगे बढ़ना होगा। जिसके लिए खास नरेंद्र मोदी ने कदम उठाए हैं इसे और तेजी से लागू करने की जरूरत है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार इस कोशिश में लगे रहे हैं कि पड़ोसियों से अच्छे संबंध हो। इसके लिए उन्होंने रिश्ते सुधारने के लिए कई पहल की। लेकिन ना पाकिस्तान और न ही चीन सुधारने का नाम ले रहा है। ऐसे में भारत को अब मजबूती के साथ पाकिस्तान और चीन के साथ पेश आने की जरूरत है। indo pak china relation 

नरेंद्र मोदी प्लेटफार्म तैयार कर रहे हैं

पाकिस्तान दुनिया का सबसे बड़ा आंतकियों का पनाहगाह है। इसे बेनकाब किया गया है लेकिन अभी भी अमेरिका उसी को तरजीह देता रहा है क्योंकि उसे एशियन क्षेत्र में वहीं सैनिकों को ठहरने का बंदोवस्त भी करता है। भारत को साफ तौर पर ईरान से लेकर अन्य पड़ोसी देशों को अपने भरोसे में रखने की जरूरत है। indo pak china relation 

जिससे की पाकिस्तान पर दवाब बना रहे। भारत ने जिस तरह से ब्लूचिस्तान का मसला उठाया है इससे तो साफ है कि पाकिस्तान पर दवाब बना है। ब्लूचिस्तान मामले में पाकिस्तान को जिस तरीके से दी गई है उसकी वह कल्पना भी नहीं कर सकता है। indo pak china relation 

चीन की छटपटाहट बढ़ गई है।

चीन लंबे समय से भारत को घेरने की रणनीति पर कार्य कर रहा है। चीन बड़ी चालाकी से भारत के पड़ोसी देशों को मोहरा बनाकर ही इसका इस्तेमाल करता रहा है। जिसमें नेपाल जैसे देश का भी इस्तेमाल किया गया है। प्रधानमंत्री ने जिस तरह से एक्ट ईस्ट नीति अपनाई है उससे चीन के पसीने छुटने शुरू हो गए होंगे। indo pak china relation 

प्रधानमंत्री ने हाल के बियतनाम यात्रा की जिससे सरकार की आक्रामक नीति की एक कड़ी है इसे बनाए रखने की जरूरत है। जहां तक एक्स ईस्ट नीति की बात है तो पूर्वोत्तम की सीमा चीन म्यामांर, भूटान, बांग्लादेश और नेपाल के साथ लगती है। इससे इस इलाके में विकास की संभावनाएं भी हैं। indo pak china relation 

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इस इलाके में पड़ोसी देश चीन की वर्चस्ववादी नीति से बाहर आने की चेष्टा में हैं सरकार ने जिस तरह से अभी यह कदम उठाया है इससे चीन की छटपटाहट बढ़ गई है। नरेंद्र मोदी जिस तरह से इन्हें प्लेटफार्म तैयार कर रहे हैं इससे तो यह तय है कि आने वाले दिनों में चीन के वर्चस्व को भी रोका जा सकता है। indo pak china relation