कश्मीर हमारा है, मरते दम तक इसे लेकर रहेंगे : नवाज शरीफ indo-pak-relation-and-kashmir





प्रवीण कुमार, indo-pak-relation-and-kashmir
आजादी के लगभग 70 साल हो गए है लेकिन पाकिस्तान अब तक अपने जुल्मे को दोहराना नहीं भुला है। कश्मीर हमारा है, इसे लेकर रहेंगे। पूर्व में इसके लिए कई वार्ता, संधि और मध्यस्थता हो चुकी है। किन्तु नतीजा अब भी वही पर है कि पाकिस्तान कश्मीर का राग अलापना नहीं भुला है। भारत सरकार ने भू-स्थानिक सुचना नियमन विधयेक 2016 को पास किया है और इस विधयेक को सरकारी वेबसाइट पर सुझाव और नियम के लिए डाला है। जिसे लेकर पाकिस्तान सरकार बौखला हो उठी है। indo-pak-relation-and-kashmir

पाकिस्तान सरकार ने इस विधयेक का कड़ा विरोध किया है और इस विधयेक को संयुक्त राष्ट्र में उठाने की बात की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार पाकिस्तान सरकार इस विधयेक से संतुष्ट नहीं है और इसके लिए पाकिस्तान सरकार चाहती है कि संयुक्त राष्ट्र इसमें मध्यस्थता करें और आदेश जारी कर भारत सरकार पर दबाब डालें कि कश्मीर में जब तक जनमत संग्रह ना हो जाये, इस तरह का विधयेक पास ना हो। indo-pak-relation-and-kashmir

आपको बता दें कि भारत सरकार ने इस विधयेक के अंतर्गत यदि कोई संस्था, एजेंसी, प्रकाशक या व्यक्ति भारत के सीमा को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत करता है, तो उसके खिलाफ क़ानूनी करवाई की जाएगी। नक़्शे को तोड़-मरोड़ कर पेश करने पर 100 करोड़ का जुर्माना और अधिकतम 7 साल की सजा हो सकती है। indo-pak-relation-and-kashmir  

पाकिस्तान का कहना है कि भारत इस तरह की विधयेक पेश कर कश्मीर का अपना हिस्सा बताना चाहता है। पाकिस्तान का कहना है कि जब तक कश्मीर का हल नहीं हो जाता है तब तक इस तरह के नक्शे तैयार करने से अंतर्राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन होता है। इसके लिए संयुक्त राष्ट्र को कश्मीर में जल्द जनमत संग्रह कर इस मसले का हल करने के लिए भारत पर दबाब डालना चहिए। indo-pak-relation-and-kashmir

शायद, नवाज शरीफ इतिहास को भूल गए है कि जनमत संग्रह को लेकर पाकिस्तान ने ही इंकार कर दिया था और यह भी परम सत्य है कि आजादी के 70 साल के अवधि में कई बार पाकिस्तान ने इसे हड़पना चाहा। किन्तु पाकिस्तान को इसमें असफलता ही प्राप्त हुई है। कश्मीर हमारा है, मरते दम तक इसे लेकर रहेंगे : नवाज शरीफ indo-pak-relation-and-kashmir