सर्जिकल स्ट्राइक में ईरानी सेना ने की थी भारतीय सेना की मदद




पिछले सपताह भारतीय फ़ौज ने पाक अधिकृत कश्मीर में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया था और इस मिशन में तक़रीबन 38-40 आतंकी के मारे जाने की खबर है। जबकि 7-10 आतंकी बंकरों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया है। ये बात पूरी दुनिया में फ़ैल गई है कि भारत अब हाथ पर हाथ धरे नहीं रहने वाला है। iran helped india 

आपको बता दें कि भारतीय सेना द्वारा किये गए सर्जिकल स्ट्राइक से पाकिस्तान बौखला चूका है और जबाबी हमले की फ़िराक में है किन्तु इन सबके बीच जो सबसे बड़ी बात का खुलासा हुआ है वो ये है कि पाकिस्तान के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक को सफल बनाने में ईरानी सेना ने भारतीय सेना की मदद की थी। iran helped india 

ज्ञात रहे कि ईरानी हुकूमत ने मोदी सरकार को मदद की पेशकश की थी जिसे मोदी सरकार ने स्वीकार कर लिया था। इस पेशकश के तहत ईरान ने मोदी सरकार को ये सुझाय बताया था कि पाक का पहले ध्यान भटकाना होगा। यदि पाकी सेना का ध्यान भटकाने में सफल हो गए तो हम सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दे सकते है। iran helped india 

पाक ने किया सरेंडर अब नहीं करेगा छिपकर वार

तय योजना के तहत गुरूवार की सुबह को ईरानी सेना ने पाक अधिकृत बलूच प्रान्त पर रुक-रुक के दर्जनों मोटार्स गोले दागे। जिससे पाक सीमा पर दहशत फ़ैल गई। स्थानीय निवासियों में भगदड़ मच गई, मामले की जानकारी पाते ही शरीफ सरकार ने सेना को बलूच कुच करने का आदेश दिया। iran helped india 

बलूच प्रान्त पर रुक-रुक के दर्जनों मोटार्स गोले दागे

इस घटना के बाद पाक सेना का ध्यान कश्मीर के बदले ईरान सीमा पर बंट गया जिससे भारतीय सेना को गुरुवार की रात को मिशन को सफल बनाने में मदद मिली। जब पाक अधिकृत कश्मीर के दर्जनों पाकी बटालियन बलूच सीमा पर रेकी के लिए गए तब तक भारतीय सेना को समय मिल गया और पूर्व नियोजित सर्जिकल स्ट्राइक मिशन को अंजाम दिया गया। iran helped india 

ये मिशन तक़रीबन 4:30 तक चली और इस दरम्यां भारतीय सेना ने पाक समर्थित आतंकियों को मौत के घाट उतारने में कोई कोताही नहीं बरती। सीमा पर पाकी सेना सोती रही और आतंकियों का खात्मा हो गया।

ईरान द्वारा भारत की मदद का मोदी सरकार शुक्रगुजार है आपको बता दें कि पीएम मोदी की अप्रैल-मई में की गई ईरान यात्रा दोनों देशों के बीच आपसी नजदीकियां बढ़ी है और दोनों देश एक दूसरे की सहायता करने का वायदा भी किया है। iran helped india 
( प्रवीण कुमार )