जानिए हिन्दू और मुस्लिम धर्म में क्या फर्क होता है




कहते है ना प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती लेकिन यही प्रतिभा जब विपरीत चीज़ों के लिए इस्तेमाल होने लगे तो बड़ा खतरनाक साबित होता है। जैसे की अलकायदा के प्रमुख ओसामा बिन लादेन ने अमेरिका के साथ किया। हालांकि, ओसामा बिन लादेन का अमेरिका से निजी द्व्न्द था लेकिन निजी द्व्न्द के कारण हजारों निर्दोष लोगों की जान चली गई। बात11 सितंबर 2011 की है। जब पेंटागन और वर्ल्ड ट्रेड सेण्टर को निशाना बनाया गया। इस हमले में लगभग तीन हजार लोग मारे गए। जबकि छह हजार लोग घायल हुए। janiye hindu aur muslim dhrm mein fark

ऐसा ही कुछ नजारा भारत के कश्मीर की है। जहाँ रोजाना निर्दोष लोग मारे जा रहे है। वहां के युवको अपनी प्रतिभा को बंदूक चलाने में इस्तेमाल कर रहे है। भारत की स्वर्ग कहे जानी वाली धरती कश्मीर के युवा से और उम्दा प्रदर्शन की उम्मीद पुरे देश वासियों को होती है लेकिन कश्मीर के युवा महज चंद पैसों के लिए न केवल अपनी जान गवां देते है बल्कि निर्दोषों की भी जान लेते है। ताजा मामला जम्मू कश्मीर की है। जहाँ जम्मू कश्मीर पुलिस ने लेडी टेरर सादिया को गिरफ्तार किया है। janiye hindu aur muslim dhrm mein fark

लेडी टेरर सादिया

बताया जाता है कि सादिया महाराष्ट्र के पुणे की रहने वाली है। सादिया को हवाई जहाज में घूमना, महंगे होटल में ठहरना, हाई फाई लाइफ जीने की आदी है। हालांकि, प्रारंभिक जानकारी के अनुसार सादिया के जीवन के बारे में पूरी जानकारी नहीं मिली है लेकिन ऐसा बताया जाता जाता है कि मुस्लिम कौम से ताल्लुक रखने वाली सादिया पढ़ने में बहुत तेज़ थी। वो बड़ी होकर देश का नाम रौशन करना चाहती थी लेकिन अचानक से सादिया के जीवन में बहुत तब्दीली आई और सादिया अपनी पढाई छोड़ इस्लामिक स्टेट से जुड़ गई। इस बारे में अभी कोई जानकारी नहीं मिली है कि सादिया कैसे इस्लामिक स्टेट के संपर्क में आई लेकिन ख़ुफ़िया एजेंसी के माने तो सोशल मीडिया और यूट्यूब के कारण सादिया के विचार में बदलाव आये और उसने इस्लामिक स्टेट ज्वाइन कर ली। janiye hindu aur muslim dhrm mein fark

इसके बाद वो कई बार विदेश गई और इस्लामिक स्टेट से जुड़े लोगों से मिली और उनके आदेशों के अनुसार सादिया ने देश के युवाओं को इस्लामिक स्टेट से जोड़ने की शुरुवात करने लगी। इस बारे में ख़ुफ़िया एजेंसी बताती है कि सादिया हनी ट्रैप के जरिए युवाओं को फसाती थी और फिर उसे इस्लामिक स्टेट में भर्ती करवाती थी। इस मामले में जांच एजेंसियों ने सादिया के ट्रैप में फसने के बाद इस्लामिक स्टेट ज्वाइन करने वाले कई आतंकी युवाओं को गिरफ्तार किया है। जिसमें शफी अरमार, उबेद मिर्जा कासिम, स्टिंबरवाला, शब्बीर अतीक है। janiye hindu aur muslim dhrm mein fark

भारत माता की जय और वन्दे मातरम कहने पड़े मुस्लिमों ने निर्दोष युवक को मारी गोली।

शफी और उसका भाई सुलतान आईएस में भर्ती होने के लिए इराक गए थे। सुलतान ईराक में मारा गया था जिसके बाद शफी और जुनूनी हो गया और सादिया के साथ मिल युवाओं का ब्रेन वाश करने में जुट गया। हालाँकि, सादिया और शफी ने जिसका ब्रेन वाश किया वो पकड़े गए। बता दें दो दिन पूर्व केंद्रीय ख़ुफ़िया एजेंसी ने जम्मू कश्मीर पुलिस को अलर्ट किया था कि पुणे की रहने वाली सादिया अनवर शैख़, इस्लामिक स्टेट की सुसाइड बॉम्बर कश्मीर में खुद को शिफ्ट किया है जोकि इस्लामिक स्टेट के लिए काम करती है। janiye hindu aur muslim dhrm mein fark

महाराष्ट्र के पुणे की सादिया है

ऐसी संभावना व्यक्त की जा रही थी कि सादिया घाटी में खुद को बम से उड़ा सकती है। जिसके बाद जम्मू कश्मीर पुलिस हाई अलर्ट हो गई थी और तलाशी अभियान में सादिया पकड़ी गई। इससे पहले पुणे की पुणे एंटी-टेररिज्म स्क्वाड ने 2015 में सादिया को गिरफ्तार किया था। जिससे पुष्टि हुई थी कि सादिया इस्लामिक स्टेट के लिए काम करती है। janiye hindu aur muslim dhrm mein fark

सादिया के इस आतंकी मास्टरमाइंड से हर कोई हैरान है। एक मामूली सी लड़की ने देश को जिस कदर क्षति पहुंचाने की कोशिश की है। वो निसंदेह अपराध है लेकिन क्या इस्लाम इस तरह की शिक्षा देती है। यदि हां, तो ये मुस्लिम कौम के लिए शर्म की बात है। हालांकि, भारत जैसे शांति प्रिय देश में ऐसा सम्भ नहीं है क्योंकि जहाँ महाराष्ट्र के पुणे की सादिया ने देश को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की है।  janiye hindu aur muslim dhrm mein fark

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