कोविंद का समर्थन तो बहाना है असल में नितीश कुमार को मोदी से हाथ मिलाना है !




राष्ट्रपति चुनाव को लेकर राजनीति सरगर्मी तेज हो गई है जहां एनडीए ऩे अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं उसके बाद से विपक्ष की रणनीति की मिट्टी पलित हो गई है। जदयू जो सबसे पहले विपक्ष के उम्मीदवार तय कर रहे थे वे खुद एनडीए को समर्थन देने जा रहे हैं। jdu will support ram nath kovind 

विपक्ष की एकजुटता की बैठक 22 जून को है

जदयू विधायक रत्नेश सदा ने कहा है कि जदयू रामनाथ कोबिंद को समर्थन करने जा रही है। जिसके लिए नीतीश कुमार ने जनता दल यू की अहम बैठक बुलाई थी जिसमें यह तय हुआ है कि एनडीए के उम्मीदवार को समर्थन किया जाए। गौरतलब है कि नीतीश कुमार राजनीति के पक्के खिलाड़ी हैं वे कोई भी मौका हाथ से नहीं जाना देना चाहते हैं। jdu will support ram nath kovind 

नीतीश कुमार सबसे पहले राजनेता हैं जो विपक्ष को एकजुट करने में लगे थे लेकिन जैसे ही विपक्ष एकजुट हुआ वे मुंह मोड़ने लगे और विपक्षियों की बैठक में नहीं गए। साफ है नीतीश कुमार की नजर प्रधानमंत्री की कुर्सी पर है। और वे विपक्ष के नेता बनने की कोशिश में लगे हैं। जिसके लिए कांग्रेस को खुलकर आगे आने को कह रहे हैं। नीतीश कुमार को पता है कि राहुल गांधी को आगे लाकर नरेंद्र मोदी को हराया नहीं जा सकता। विपक्ष के पास उनके जैसा दमदार नेता नहीं है। jdu will support ram nath kovind 

एनडीए ने दलित चेहरा को आगे लाया है

इसी दांव में वे कांग्रेस पर लगातार दवाब बनाने में लगे हैं कि वे उनको चेहरा घोषित करे। नीतीश कुमार भाजपा के पुराने सहयोगी रहे हैं और समय समय पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का समर्थन भी करते रहे हैं। नोटबंदी के समय भी पहले मुख्यमंत्री हैं जिन्होंने प्रधानमंत्री के इस कदम का समर्थन किया था। jdu will support ram nath kovind

मैं तो बस नाम का योगी हूँ असली योगी तो पीएम मोदी है : योगी

अब जब राष्ट्रपति चुनाव के लिए एनडीए ने दलित चेहरा को आगे लाया है ऐसे में दलितों के समर्थन हासिल करने के साथ साथ भाजपा के गुडबिल में भी सबसे पहले अपना नाम लिखाना चाहते हैं। जिसके लिए अपने विधायकों की बैठक कर लिया है जबकि विपक्ष की एकजुटता की बैठक 22 जून को है। jdu will support ram nath kovind