सिद्धारमैया सरकार ने लिंगायत को अलग धर्म का दर्जा देने की सिफारिश मंजूर की




कांग्रेस ने कर्नाटक में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले बड़ा दांव खेलते हुए लिंगायत समुदाय को अलग धर्म का दर्जा देने की सिफारिश को मंजूर कर ली है। बता दें, लिंगायत समुदाय वर्षों से हिन्दू धर्म से अलग होने की मांग करता रहा है। इस मामले में सिद्धारमैया सरकार नागमोहन दास समिति गठित की गई थी। जिसने राज्य कैबिनेट को अपना रिपोर्ट सौपा था जिसे राज्य कैबिनेट ने स्वीकार कर लिया है। वही नागमोहन दास समिति के रिपोर्ट को सिद्धारमैया सरकार से हरी झंडी मिलने के बाद अब इस प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार के पास भेजा गया है। karnatak govt pass lingayata bill

बीजेपी का वोट बैंक खिसकता दिख रहा है। karnatak govt pass lingayata bill

बता दें, सिद्धारमैया सरकार द्वारा लिंगायत समुदाय को अलग धर्म का दर्जा देने का फैसला ऐसे समय किया है, जब राज्य में विधान सभा चुनाव होने है। लिंगायत समुदाय दशकों से भाजपा का समर्थन करता रहा है। ऐसे में हिन्दू धर्म से अलग होने के बाद राज्य में बीजेपी का वोट बैंक खिसकता दिख रहा है। karnatak govt pass lingayata bill

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फिलहाल लिंगायत को राज्य में ओबीसी का दर्जा मिला हुआ है। राज्य में इस समुदाय की आबादी 10 से 17 फीसदी है। इस समुदाय का कर्नाटक विधान सभा के 100 सीटों पर प्रभाव है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व सीएम बीएस येदियुरप्पा इसी समुदाय से आते हैं। जबकि मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान भी इसी समुदाय से आते है। karnatak govt pass lingayata

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