करवा चौथ के दिन भूल से न करे ये काम, नहीं तो होगा बुरा अंजाम !

वेदों, पुराणों एवं शास्त्रों के अनुसार कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को करवा चौथ का व्रत मनाया जाता है। तदोउपरांत इस वर्ष 8 अक्टूबर 2017 को करवा चौथ मनाया जायेगा। यह पर्व पुरे भारत वर्ष में मनाया जाता है। यह सुहागिन स्त्रियों के लिए प्रमुख व्रतों में से एक है। इसे पंजाब, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और मध्य प्रदेश तथा राजस्थान की औरतें मनाती है। यह पर्व हर वर्ष कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को मनाई जाती है। स्त्रियां इसे अपने सुहाग, स्वास्थ्य व सौभाग्य के लिए करती है। इस व्रत को 12 या 16 वर्ष तक करने के बाद उद्यापन कर दिया जाता है। karva chauth ki katha 

कथा

प्राचीन समय की बात है। एक गांव में करवा नाम की पतिव्रता स्त्री अपने पति के साथ रहती थी। एक दिन उसका पति नदी स्नान करने के लिए गया। जंहा स्नान करते वक्त मगर ने उसका पैर पकड़ लिया। करवा का पति करवा करवा करते हुए चिल्लाने लगा। अपनी पति की आवाज सुन करवा भागकर नदी किनारे पहुंच गयी। अपने पति को मुसीबत में फंसे देख करवा ने एक कच्चे धागे से मगर को बांध दिया। मगर को बांधने के बाद करवा यमराज के पास पहुंची और यमराज से कहने लगी – हे प्रभु। मेरे पति को मगर ने अपने शिकंजे में जकड़ लिया है। आप कृपया कर मेरे पति को उस मगर के चुंगल से बचाये।  karva chauth ki katha 

जितिया के दिन भूल से न करे ये काम, नहीं तो होगा बुरा अंजाम !

 

ये काम न करें

 *   बुजुर्गों का अपमान ना करें

 *   रुठों को मनाने के लिए ये दिन ठीक नहीं है 

 *  कोई भी सफेद वस्तु जैसे दही आदि ना छुएं

 *  काला रंग इ कपड़े को भूलकर भी ना पहनें

*   सुहागिन महिला को बुरा-भला न कहे ।

तदोउपरांत यमराज ने कहा, तुम्हारे पति की आयु खत्म हो गयी है। अतः मैं उसे बचा नहीं सकता हूँ। यमराज के बात से करवा गुस्से में आ गयी और बोली। यदि आपने मेरे पति को नहीं बचाया तो मैं आपको श्राप देकर नष्ट कर दूंगी। यह सुनकर एक समय के लिए यमराज सहम गए और मगर को यमपुरी भेज करवा के पति को बचा लिया। यमराज ने करवा के पति को दीर्घायु का वरदान दिया। तबसे सभी स्त्रियां अपने पति की दीर्घायु के लिए करवा चौथ व्रत करती है। अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें www.hindumythology.org 

( प्रवीण कुमार )

 

 

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