गाँधी जी को पहले ही गोली मार देना चाहिए था : काटजू




महात्मा गांधी को गाली देकर अपने आपको प्रसिद्धि पाना फैशन सा बन गया है। ऐसे ही बयान जस्टिस काटजू कहा पीछे रहने वाले हैं। जिन्हें विवादित बयान देने में महारत हासिल है। पूर्व मुख्य न्यायाधीश मारकेंण्डेय काटजू ने एक बार फिर विवादित बयान दिए हैं। इस बार इन्होंने सोशल मीडिया में यह बयान दिया है। जिसमें इन्होंने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को ब्रिटिश एजेंट तक बता दिया है। katju slams gandhi ji 

फ्रीडम ऑफ प्रेस नहीं है

इनका कहना है कि महात्मा गांधी लगातार ब्रिटिश के साथ मिले हुए थे और उनके हित के लिए ही कार्य करते थे। जिस प्रकार से भारत का विभाजन हुआ यह सब ब्रिटिश के इशारे पर महात्मा गांधी के समर्थन से ही हुआ। जस्टिस काटजू का कहना है कि देश का विभाजन ब्रिटिश रूल की एक सोची समझी चाल थी। जिसे महात्मा गांधी का समर्थन हासिल था। मुहम्मद अली जिन्ना का साथ महात्मा गांधी ने दिया। katju slams gandhi ji 

अगर महात्मा गांधी चाहते तो यह विभाजन नहीं होता। जो आज भारत पाकिस्तान बांग्लादेश बना है। जिसको लेकर दोनों देशों के बीच आए दिन तानातनी होती है यह नहीं होता। महात्मा गांधी को जस्टिस काटजू ने रास्कल तक कहा है। जिसको लेकर अब चर्चा होना तय है। katju slams gandhi ji 

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गौरतलब है कि जस्टिस काटजू पहली बार ऐसा बयान नहीं दे रहे हैं। इसके पहले भी कभी सरकार के विरुद्ध तो कभी भारतीय के विरुद्ध बयान देकर चर्चा पा चुके हैं। यहां तक कि एक सेमिनार में कहा था की 90 फीसदी भारतीय बेवकूफ हैं जो धर्म के नाम पर आसानी से बहकावे में आ जाते हैं। जिसको लेकर खूब चर्चा हुई। katju slams gandhi ji 

यहां तक कि उन्होंने फ्रीडम ऑफ प्रेस पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को घेरा था और कहा था कि यहां अब फ्रीडम ऑफ प्रेस नहीं है जो लालू के समय होती थी। ऐसे कई बयान हैं जिसको लेकर वे चर्चा में रहे हैं। इस बार इन्होंने महात्मा गांधी पर जो बयान दिए हैं इसकी चारों तरफ आलोचना हो रही है।  katju slams gandhi ji