केजरीवाल चोर है मरते दम तक उसका साथ नहीं दूंगा : अन्ना हजारे




गांधीवादी नेता अन्ना हजारे अब राजनेताओं से दूरी बनाने में लगे हैं। जबकि इनके पल्लू पकड़ कर कई नेता आज शीर्ष पर पहुंच गए। जिसमें इनके चेहते अरविंद केजरीवाल भी हैं। सामाजिक कार्यकर्ता व गांधीवादी नेता अन्ना हजारे ने दिल्ली में भ्रष्टाचार के आंदोलन चलाए इससे केंद्र की सरकार हिल गई नतीजा भी सबको मालूम है। kejirwal chor hai 

देश को अभी भ्रष्टाचारमुक्त राष्ट्र बनाने के लिए आगे आना चाहिए

अन्ना हजारे के साथ पल पल रहने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल उनके सबसे करीबी माने जाते हैं। लेकिन दिल्ली में जिस तरह से राजनीति चल रही है इससे वे नाराज हैं और खास कर जब शुंगलू कमेटी की रिपोर्ट आई जिसमें यह साफ हो गया कि अरविंद केजरीवाल ने सत्ता का दुरुपयोग किया है। kejirwal chor hai 

अन्ना हजारे का ऐसा विश्वास था कि अब आम आदमी पार्टी की सरकार दिल्ली में बनी है तो भ्रष्टाचार और भाई भतीजेवाद से काफी दूर रहेंगे। लेकिन इन्होंने भी ऐसा ही रुख अपना लिया जैसा पहले की सरकार की थी। जिससे आहत होकर अन्ना हजारे ने कहा है कि वे अब केजरीवाल के साथ नहीं हैं। ना ही उनके साथ रहना चाहेंगे। kejirwal chor hai 

बेघर हुए केजरीवाल

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री बनने के बाद अपने दूत के रूप में गोपाल राय को उनके आश्रम भी भेजा था जिनसे अन्ना हजारे नहीं मिले। अन्ना हजारे चाहते हैं कि युवा आगे आएं। केजरीवाल ने जिस प्रकार से आगे आए थे जिससे वे पहले काफी प्रसन्न हुआ करते थे लेकिन उनका कहना है कि उनके सपनों को यह शिक्षित युवा भी तोड़ दिया। kejirwal chor hai 

जिस संकल्प के साथ इसने सरकार बनाई थी वह पूरा नहीं कर पा रहे हैं इससे वे आहत हैं। देश को अभी भ्रष्टाचारमुक्त राष्ट्र बनाने के लिए आगे आना चाहिए। ना कि पहले जैसी सरकार ही कार्य करे। कमेटी की रिपोर्ट से साफ है कि अरविंद केजरीवाल भी उसी भ्रष्टाचार के रास्ते पर हैं। अब मैं इनसे नहीं मिलना चाहूंगा। kejirwal chor hai