यदि केजरीवाल पाखंडी नहीं है तो सीएम पद से इस्तीफा दे : मनोज तिवारी




दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री मनोज तिवारी ने एक पत्रकारवार्ता में कहा कि दिल्ली की लोकायुक्त श्रीमती रेवा खेत्रपाल के समक्ष पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा के द्वारा शपथ लेकर मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल द्वारा अपने सहयोगी मंत्री सतेन्द्र जैन से दो करोड़ रूपये नकद लिये जाने के बयान के बाद मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं बचा है। kejriwal istifa de 

श्री मनोज तिवारी ने कहा कि आज दिल्ली के माननीय लोकायुक्त श्रीमती रेवा खेत्रपाल के समक्ष दायर एक याचिका में साक्ष्य देने आये दिल्ली के पूर्व मंत्री कपिल मिश्रा ने शपथ लेकर माननीय लोकायुक्त महोदया को बताया कि मेरी आंख के सामने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने सहयोगी मंत्री सतेन्द्र जैन से दो करोड़ रूपये नकद लिये। kejriwal istifa de 

कपिल मिश्रा ने लोकायुक्त महोदया के समक्ष भी और पत्रकारों के समक्ष बाहर आकर कहा कि जब मैंने अरविन्द केजरीवाल से पूछा यह कैसा रूपया है तो उन्होंने कहा कि इस तरह के लेन-देने तो राजनीति में चलते ही रहते थे, बाद में बात करेंगे।कपिल मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री के रिश्तेदार सुरेन्द्र बंसल की कम्पनी ने पी.डब्ल्यू.डी. में 10 करोड़ रूपये के फर्जी बिल दिये जिनका भुगतान भी किया गया है और अब ए.सी.बी. में एफ.आई.आर. भी दर्ज है। kejriwal istifa de 

कपिल मिश्रा ने मूल शिकायत से अलग लोकायुक्त महोदया के समक्ष कहा कि अपने सरकारी एवं निजी दौरों में आम आदमी पार्टी से जुड़े 5 नेताओं संजय सिंह, आशीष खेतान, सतेन्द्र जैन, राघव चड्ढा एवं दुर्गेश पाठक ने विदेश जाकर भारत विरोधी तत्वों से मुलाकात की। kejriwal istifa de

लोकायुक्त की स्थापना

कपिल मिश्रा ने लोकायुक्त महोदया के समक्ष मुख्यमंत्री पर दिल्ली जल बोर्ड में 400 करोड़ रूपये के टैंकर घोटाले का भी आरोप लगाया। भारतीय जनता पार्टी मांग करती है कि यदि अरविन्द केजरीवाल को लोकायुक्त संस्था के प्रति कोई भी सम्मान है तो वह इस शपथ पर दिये साक्ष्य के बाद आगे की जांच निष्पक्ष हो सके इसलिये मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दें। kejriwal istifa de 

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री और मंत्री सतेन्द्र जैन रूपये के लेन-देन को किसी प्रकार का कानूनी कवच अब नहीं पहन पायेंगे क्योंकि भारत के आर्थिक कानून के अंतर्गत अब कोई व्यक्ति अपने पास दो लाख से अधिक नकद रख ही नहीं सकता। kejriwal istifa de 

श्री तिवारी ने कहा कि अरविन्द केजरीवाल द्वारा संचालित इंडिया अगेंस्ट करपशन एवं आम आदमी पार्टी के आंदोलनों के प्रारम्भ से ही देश एवं दिल्ली में लोकायुक्त की मांग करती रही है। 49 दिन की अपनी पहली सरकार को लोकायुक्त की मांग से जोड़कर सत्ता छोड़ते हुये अरविन्द केजरीवाल ने यह दर्शाया था कि वह राजनीति में भ्रष्टाचार के अंत और सरकार में पारदर्शिता लाने के लिए लोकायुक्त की नियुक्ति के लिए किसी भी हद तक जाकर आंदोलन कर सकते हैं। kejriwal istifa de 

आई.पी.एल. किक्रेट में सट्टा कराने में गिरफ्तारी हुई

यह अलग बात है कि 2015 में पुनः सत्ता में आने के बाद अरविन्द केजरीवाल ने लोकायुक्त की स्थापना को लम्बे समय तक टाला और भारतीय जनता पार्टी के दबाव एवं दिल्ली उच्च न्यायालय के हस्ताक्षेप के बाद भी दिल्ली में लोकायुक्त की नियुक्ति नहीं की।श्री तिवारी ने कहा कि जहां एक ओर मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल पर भ्रष्टाचार के यह आरोप अब पूर्ण गंभीरता से स्थापित हो रहे हैं। kejriwal istifa de 

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वहीं उनकी सरकार में साथियों के काले कारनामे भी दिन-प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं। चार दिन पूर्व राजेन्द्र नगर से विधायक विजेन्द्र गर्ग के भतीजे पंकज गर्ग की आई.पी.एल. किक्रेट में सट्टा कराने में गिरफ्तारी हुई तो कल विकासपुरी से विधायक महेन्द्र यादव पर एक ठेकेदार को जान से मारने की धमकी देने और ईंट से हमला करने के आरोप की प्राथमिकी दर्ज हुई है।  kejriwal istifa de