नोट बंदी से केजरीवाल को सबसे ज्यादा नुकसान हो रहा है इस लिए है परेशान।

8 नवम्बर की आधी रात से 500 और 1000 के नोटों पर प्रतिबंध लगाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले पर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने फिर कड़ी आलोचना की है। Kejriwal sufferinge note dimonetization

दरअसल इससे सबसे ज्यादा नुक्सान केजरीवाल को ही हो रहा हैं यहां आपको याद दिल दे की 5 राज्यो में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। पंजाब,गोवा,गुजरात,युपी,उत्तराखंड में अगले वर्ष के शुरुआत में मुख्यमंत्री पद के चुनाव होने हैं और इसके लिए केजरीवाल जोरो शोरो से लगे हुए हैं।

इसके लिए केजरीवाल ने लोगो से बड़ी मात्रा में डोनेशन लिया हुआ हैं जो की सारा काला धन हैं जिसे की अब वह इन ब्लैक मनी को वाइट करने में लगे हुए हैं। और ऐसी बौखलाहट में उलटे सीधे बयानबाजी दे रहे हैं।

अरविंद केजरीवाल ने नोट बंदी के मुुद्दे पर मोदी सरकार को घेरते हुए कहा कि लोग भूखे मर रहे हैं। देशभर में इमरजेंसी जैसे हालात बन रहे हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री को देश से माफी मांगनी चाहिए।

केजरीवाल ने हमलावर अंदाज में कहा- ‘प्रधानमंत्री मोदी ने पहले 2 दिन बोला था, अब 50 दिन के लिए बोल रहे हैं। जनता 50 घंटे भी नहीं रुक सकती।

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव से पहले अगर पीएम बता देते कि वे सरकार में आने के बाद 500 व 1000 के नोट बंद करेंगे तो लोग उन्हें वोट न देते।

आपको बता दे की कुछ समय पहले उनके 2.5 करोड़ की फंडिंग के काले धन का भंडा फोर हुआ जिसे की वह रातो रात वाइट करने में लगे हुए थे।

वह अपने सहयोगियों द्वारा इस ब्लैक मनी को 50-50 लाख के हिस्सो में बाँट कर केंद्र सरकार की आँख में धूल झोकने की कोशिश कर रहे थे।

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केजरीवाल ने कहा कि मोदी जी अहंकार छोड़िए और नोटबंदी का फैसला वापस ले लीजिए। अगर सरकार चाहे तो इंतजाम पुख्ता कर नियम वापस से लागू कर दे।

उन्होंने कहा कि इस फैसले से पूरे देश में पैनिक हो गया है। वहीं, मोदी के भाषण पर बोलते हुए केजरीवाल ने कहा कि पीएम की भाषा सुनकर दुख हुआ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को लाइन में खड़े होकर देखना चाहिए। Kejriwal sufferinge note dimonetization, Kejriwal sufferinge note dimonetization, Kejriwal sufferinge note dimonetization, Kejriwal sufferinge note dimonetization