जानिए क्या है बुलेट ट्रैन की खासियत और स्टोरी




बुलेट, एक ऐसा शब्द है। जिसका सीधा संबंध तीव्र गति से है। एक ऐसी गति जो हवा से भी तेज़ हो। इसी गति को नियंत्रित कर अंतराष्ट्रीय स्तर पर कई देशों ने बड़ी कामयाबी पाई है। जी हां, जापान, चीन और फ्रांस जैसे विकसित देशों के बाद भारत भी देश में बुलेट ट्रैन चलाने की तैयारियां शुरू कर चूका है । जिसकी नींव 14 सितंबर को पीएम मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिजो आबे ने अहमदाबाद में रखी। know Indian bullet train story

क्या है बुलेट ट्रैन की इतिहास

बन्दुक की गोली से भी तेज़ चलने वाली पहली बुलेट ट्रैन का ट्रायल जापान ने 1 अक्टूबर 1964 में किया। जब दुनिया की पहली बुलेट ट्रैन को जापान की राजधानी टोक्यों और ओसका सिटी के बीच चलाई गयी थी। उस ट्रायल के बाद से ये ट्रैन पूरी दुनिया में इतनी फेमस हुई की लोग इसे बुलेट ट्रैन के नाम से जानने लगे। जापान में इसे ‘शिनकासेन’ के नाम से जाना जाता है। आज यह विश्व के कई देशों में चलाई जाती है। हालाँकि, बुलेट ट्रैन की गति के मामले में जापान आज भी राजा है क्योंकि वर्तमान समय में जापानी बुलेट ट्रैन की गति 600किलोमीटर/ घंटा से भी अधिक है। जिसका सफल ट्रायल किया जा चूका है।

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आइये बुलेट ट्रैन के बारे में विस्तार से जानते है।

 

दुरी और लागत

भारत की पहली बुलेट ट्रैन मुंबई और अहमदाबाद के बीच दौड़ेगी। इस परियोजना पर 1,10,000 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। जिसके लिए जापान ने भारत को 88,000 करोड़ रुपये का लोन दिया है। जिसका ब्याज यानि की इंट्रेस्ट रेट केवल 0.1 फीसदी है। जिसे भारत को 50 साल में वापस करना है। इसके अतिरिक्त जापान, भारत को 15 साल का ग्रेस पीरियड भी देगा। know Indian bullet train story

बुलेट ट्रैन रुट
अहमदाबाद-मुंबई बुलेट ट्रैन के इस पूरे रूट में 92 फीसदी रुट एलिवेटिड होगा यानि कि बुलेट ट्रैन 468 किलोमीटर की दुरी ज़मीन से ऊपर तय करेगी। 27 किलोमीटर दुरी ज़मीन के अंदर तय करेगी। जबकि ज़मीन पर केवल 13 किलोमीमीटर दौड़ेगी।  know Indian bullet train story

सुरंग की दुरी

देश की पहली बुलेट ट्रैन 21 किलोमीटर लम्बी सुरंग से गुजरेगी। जबकि इस 21 किलोमीटर में से 6 किलोमीटर की सुरंग समुद्र में बनाई जाएगी।

रेल स्पीड
रेल मंत्रालय के अनुसार बुलेट ट्रेन को 320 किलोमीटर प्रति घंटा की स्पीड से चलाया जाएगा। जबकि अधिकतम स्पीड 350 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।

आवंटित ज़मीन
पहली बुलेट ट्रैन को चलाने के लिए रेल मंत्रालय ने करीब 825 एकड़ जमीन एक्वायर की है।

बुलेट ट्रैन की संख्या

रेल मंत्रालय के अनुसार मुंबई और अहमदाबाद के बीच चलने वाली पहली बुलेट ट्रैन दिन में70 चक्कर लगा सकती है। यदि इसके मैनुफैक्चरिंग की बात की जाये तो जापान से कुल 24 बुलेट ट्रैन इम्पोर्ट की जाएगी। इसके बाद भारत खुद इसे स्वदेश में निर्मित करेगा। know Indian bullet train story

जापान ही क्यों
इस परियोजना के लिए जापान से हाथ मिलाने पर रेल मंत्रालय ने तर्क दिया है कि जापान के रेल इतिहास में बुलेट ट्रैन का कोई हादसा नहीं हुआ है।जापान की बुलेट ट्रेन सबसे ज्यादा पंक्चुअल हैं जिस कारण मोदी सरकार ने ये जिम्मेवारी जापान को सौपी है। know Indian bullet train story

समय अवधि
पहली बुलेट ट्रैन मुंबई -अहमदाबाद के बीच 508 किलोमीटर की दुरी तय करेगी। जो प्रस्तावित 12 स्टेशन होकर गुजरेंगी। ये स्टेशन मुंबई, ठाणे, विरार, बोईसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद और साबरमती हैं।

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यदि ट्रैन सभी स्टेशनों पर रूकती है तो बुलेट ट्रैन यह दुरी 2घंटे 58 मिनट में तय करेगी। लेकिन अगर केवल 4 स्टेशन अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और मुंबई में रुकेगी। तो बुलेट ट्रैन यह दुरी 2 घंटे 7 मिनट में तय करेगी। know Indian bullet train story



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