जानिए क्या है पेलेट गन और क्यों कांग्रेस ने पहली बार इसका इस्तेमाल किया था ?




घाटी में आतंकी कमांडर बुरहान वाणी की मौत के बाद हिंसा फ़ैल गई, ये हिंसा इतनी प्रबल हो गई की आज45 दिन के बाद भी कश्मीर में कर्फ्यू जारी है। पाकिस्तान के समर्थन से उपद्रवी कश्मीर में रोज उपद्रव और पत्थरबाजी कर रहे है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक तक़रीबन 40 लोगों की मौत हो चुकी है। वही 2 हजार पुलिस कर्मी और सैकड़ों सीमा सुरक्षा बल के जवान घायल हुए है। know pellet gun 

सरकार इस मद्देनजर गंभीर है और घाटी में शांति स्थापित करने के लिए हर सम्भव प्रयास कर रही है। लेकिन इस सबके बीच जो प्रमुख चर्चा का केंद्र है वो पेलेट गन है। जी हां, ये वही पेलेट गन है जिसका इस्तेमाल पहले कांग्रेस ने 2010 में घाटी में शांति स्थापित करने के लिए किया था। know pellet gun 

2010 में कश्मीर में तीन छात्र के आतंकी होने की पुष्टि के एवज में सेना ने तीनों आतंकी को मार गिराया था उस समय घाटी में कुछ इस तरह की स्थिति पैदा हो गई थी जो आज है । इस घटना के बाद घाटी में लगातार एक महीने तक कर्फ्यू लगा था । कई जगहों पर सेना और उपद्रवियों के बीच मुठभेड़ भी हुई थी  उस समय विपक्ष में बैठे बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं ने कश्मीर का दौरा कर लोगों से शांति बनाये रखने का आग्रह किया था। know pellet gun 

जब हालात और बिगड़ गई तब कांग्रेस पार्टी ने सेना को पेलेट गन का इस्तेमाल करने का आदेश दिया था। इस घटना में 10 कश्मीरी नागरिक की मौत हुई थी जबकि दर्जनों घायल हुए थे। कुछ घायल ऐसे है जिन्होंने अपने दोनों आँखों की रौशनी गँवा दी है। know pellet gun 

आज यही कांग्रेस सेना द्वारा इस्तेमाल की जा रही पेलेट गन का विरोध कर रही है। जबकि 2010 में सेना द्वारा पेलेट गन के इस्तेमाल किये जाने के बाद घाटी में शांति स्थापित हो पाई थी। आज मोदी सरकार भी बिना किसी जान-माल को क्षति पहुचाए शांति स्थापित करने की कोशिश कर रही है। पर क्या है ये पेलेट गन और क्यों ये जानलेवा नहीं है ? आइये जानते है इसके बारे में की पेलेट गन क्या है, और कैसे इसका इस्तेमाल किया जाता है ? know pellet gun 

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पेलेट गन एक प्रकार का शिकारी हथियार है जो शिकार को घायल करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। आमतौर पर पेलेट गन का इस्तेमाल विक्षिप्त जानवरों को काबू में करने के लिए किया जाता है। घाटी में 2010 में इसका पहला प्रयोग किया गया था। know pellet gun 

सेना द्वारा कारतूस 9 का इस्तेमाल किया जा रहा है

ये पंप करने वाली गन है जिसमें शिकार को घायल करने के लिए कई तरह के कारतूस का इस्तेमाल किया जाता है। ये कारतूस 5 रेंज से लेकर 12 रेंज तक होते है। जिसमें 5, 6 सबसे अधिक खतरनाक है। ये कारतूस जानलेवा नहीं है। सेना द्वारा कारतूस 9 का इस्तेमाल किया जा रहा है। जिससे जान-माल की क्षति नहीं होती है। know pellet gun 

इस कारतूस का मुख्य कार्य शिकार को ढूंढ निकालना है। जबकि इस कारतूस में कुल 500 लोहे की बॉल होती है जो फायर होने के बाद क्षेत्र की सभी दिशाओं में फ़ैल जाती है। जिस कारण शिकार का बचना मुश्किल होता है। ये कारतूस किसी केंद्र को फोकस नहीं करती है बल्कि दिशाओं में फैलकर कुछ दुरी तक के अवरोधक को घायल कर सकती है। हवा में फायर होने के बाद एक साथ इस कारतूस से 500 लोहे के बॉल्स बाहर आते है जो आस-पड़ोस के चीजों या सजीव चीजों का शिकार करती  है। know pellet gun 

केंद्र निश्चित न होने के कारण ये बॉल्स हिंसा कर रहे भीड़ को नियंत्रित करने में कारगर साबित होती है। कश्मीर में जो युवा घायल हुए है उसका मुख्य कारण पत्थरबाजी है। पत्थरबाजी के समय ये उपद्रवी सिर्फ सुरक्षा कर्मी पर हमले करने की सोचते है जिस कारण हवा में फायर होने के बाद पेलेट गन का कारतूस उपद्रवी के आँखों में लगती है। know pellet gun 
मोदी सकरार ने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया है जिससे मानवाधिकार का उल्लंघन हो जब हजारो की संख्या में उपद्रवी सेना पर पत्थरबाजी करेगा तो सेना को अपनी सुरक्षा के लिए हथियार का इस्तेमाल करना जरुरी है। इस एवज में जान-माल की क्षति न हो इस बात का भी ख्याल रखना होता है। ऐसे में मोदी सरकार द्वारा उपयुक्त पेलेट गन उचित हथियार है। know pellet gun 
( प्रवीण कुमार )