कोविंद दलित नहीं बल्कि आरएसएस का चमचा है : ममता बनर्जी




भाजपा ने जिस प्रकार से राष्ट्रपति पद के लिए अपने नाम तय कर दिए उसके बाद विपक्ष दल हतप्रत हैं। ममता बनर्जी ने बड़े ही सधे तरीके से इनका विरोध कर दिया। प. बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी केंद्र सरकार के सबसे बड़े आलोचक रही हैं। उन्होंने इस बार भाजपा द्वारा राष्ट्रपति पद के लिए तय किए गए रामनाथ कोबिंद का विरोध करते हुए कहा कि हम उन्हें नहीं जानते। भाजपा ने पार्टी में दलित मोर्चा के अध्यक्ष रहे हैं इसलिए उनको उम्मीदवार तय कर दिया है। kovind rss ka chmcha hai 

मीरा कुमार का नाम है

अच्छा होता किसी विशेषज्ञों को उम्मीदवार तय करता। इससे तो यह जाहिर हो गया है कि भाजपा केवल अपना चलाना चाह रही है। भाजपा का यह कदम उतना परिपक्व नहीं है। इस फैसले से मैं हतप्रभ हूं। ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि सरकार ने उनका नाम सर्वसम्मत से नहीं लाया। राष्ट्रपति का पद बेहद अहम होता है। यह नाम हैरान करने वाला है। kovind rss ka chmcha hai 

विपक्ष अपने उम्मीदवार 22 जून को तय करेगी।

अगर किसी विशेषज्ञ को यह पद दिया जाता तो काफी अच्छा होता। राष्ट्रपति राष्ट्र और संविधा की सुरक्षा में अहम किरदार निभाते हैं। लेकिन भाजपा ने केवल अपनी पार्टी के हित को देखा है जो उनकी पार्टी में एक मोर्चे का अध्यक्ष हुआ करते थे। यह अच्छा परंपरा नहीं है। ममता बनर्जी की नाराजगी इस बात से है कि अगर नाम पर पहले चर्चा की जाती तो काफी अच्छा होता लेकिन सरकार केवल अपना चलाना चाह रही है। यह ठीक नहीं है।यह सर्वसम्मत का फैसला भी नहीं है। kovind rss ka chmcha hai 

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गौरतलब है कि विपक्ष अपने उम्मीदवार 22 जून को तय करेगी। यह तो साफ हो रहा है कि विपक्ष अपने उम्मीदवार अब खड़े करेगी। खासकर ममता बनर्जी के बयान से तो यह साफ हो जा रहा है। जिस प्रकार की खबरें आ रही हैं इससे तो यही लग रहा है कि अब विपक्ष भी किसी दलित चेहरे को सामने रखकर राष्ट्रपति का चुनाव लड़ेगी जिसमें सबसे आगे मीरा कुमार का नाम है। kovind rss ka chmcha hai