कुछ जोड़िया पीएम मोदी के खौफ में भी बनती है, क्या आप सहमत है !




ये जुमला सच साबित होता है, क्योंकि पीएम मोदी के महज ढाई साल के कार्यकाल में विपक्षी पार्टियों ने न जाने कितने गठबंधन बनाये है। ये जोड़ियां केवल और केवल पीएम मोदी के खौफ में बनी है। सबसे पहले नितीश कुमार ने बीजेपी से किनारा किया और राजद से हाथ मिला लिया। बिहार की राजनीति में ये सबसे बड़ा दल-बदल राजनीति थी। इससे पूर्व भी कई राजनेताओं ने अपनी पार्टी को प्रमुख पार्टियों में विलय किया। लेकिन जदयू का राजद के साथ गठबंधन ऐतिहासिक रहा है। ऐसा नितीश कुमार ने केवल पीएम मोदी के विजयी रथ को रोकने के लिए किया था। kuch jodiyan modi ke khauf se bnti hai 

विपक्ष पर सत्ताधारी पार्टी का दबदबा कायम है

हालांकि, बिहार में बीजेपी हार गयी। लेकिन इससे सबसे ज्यादा फायदा केजरीवाल ने लिया। झट से बिहार के बाहुबली सरकार के आकाओं से हाथ मिला लिया। खूब ईद मनाया गया। दृश्य देखने लायक था जब दिल्ली की जनता ने चारा चोर का सम्बोधन करते हुए केजरीवाल से लालू यादव से गले मिलने की वजह पूछा। केजरीवाल ने कन्नी काट लिया। इसमें भी कही न कही पीएम मोदी का खौफ था। kuch jodiyan modi ke khauf se bnti hai 

कुछ ऐसा ही माजरा बंगाल के चुनाव में देखने को मिला। जब ममता बनर्जी ने बीजेपी को हराने के लिए सभी प्रमुख राजनेताओं से हाथ मिलाकर चुनाव प्रचार किया। कई अवसर पर लालू यादव, श्री नितीश कुमार, सीताराम येचुरी, सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव को मंच साझा करते देखा गया। आख़िरकार, विपक्षियों की टोली को बंगाल में भी कामयाबी मिली। लेकिन मोदी हुंकार से पूरा बंगाल झूम उठा। पहली बार बीजेपी ने बंगाल में अपना खाता खोला। जबकि आसाम में तो कांग्रेस का पूर्ण सफाया हो गया। kuch jodiyan modi ke khauf se bnti hai 

सैलरी बिल वापस कर पीएम मोदी ने हमें भिखारी बना दिया है : केजरीवाल

अब जबकि मुम्बई महानगरपालिका, उत्तर प्रदेश और गुजरात में चुनाव होने है। तो विपक्षी ने फिर से गठबंधन की नीति अपनाकर पीएम मोदी के विजयी रथ को रोकने हेतु कमर कस ली है। जंहा उत्तर प्रदेश में राहुल और अखिलेश ने हाथ मिला लिया है। वही शिवसेना ने भी गिरगिट की तरह रंग बदल ली है। अब शिवसेना हार्दिक पटेल से हाथ मिला लिया है। शिवसेना ने तो गुजरात चुनाव के लिए हार्दिक पटेल को शिवसेना का मुख्यमंत्री प्रत्याशी बनाया है। लोकतंत्र में इस तरह के गठबंधन से पता चलता है कि विपक्ष पर सत्ताधारी पार्टी का दबदबा कायम है। पीएम मोदी के खौफ से सभी प्रमुख पार्टियों में भय जैसा माहौल है।  kuch jodiyan modi ke khauf se bnti hai