क्यों रविश कुमार पीएम मोदी और आरएसएस के खिलाफ बयान है




भारत एक लोकतान्त्रिक देश है। जंहा विभिन्न धर्मों के लोग रहते है। इसलिए भारत को धर्मनिरपेक्ष देश कहा गया है। यंहा का सविंधान इतना लचीला है कि देश के सभी नागरिको को बोलने का अधिकार दिया गया है। ये अधिकार भारतीय सविंधान के आर्टिकल 19  और 19 ( 1) a  में देश के नागरिकों को दिया गया है। इसी आर्टिकल के अंतर्गत मीडिया को भी रखा गया है। kyon ravish kumar pm modi virodhi hai 

अन्य देशों की तरह भारत में मीडिया पर कोई पाबन्दी नहीं है। यंहा मीडिया को बोलने की आजादी दी गयी है। जिसका सदुपयोग कम और दुरपयोग ज्यादा हो रहा है। मीडिया का काम खबर की सच्चाई को दिखाने का होता है। लेकिन भारत में कुछ मीडिया चैनल वामपंथी विचारधारा समर्थित है जो सरकार और देश की एकता को विखंडित करने में जुटी है। kyon ravish kumar pm modi virodhi hai 

 

हम बात कर रहे है NDTV न्यूज़ चैनल और इस चैनल से जुड़े पत्रकारों की है। जो देश को तोड़ने की कोशिश करने वाले अलगाववादी दक्तों को बढ़ावा देने का कम करती रही है यह हम नहीं कह रहे है बल्कि पिछले दिनों इसी आरोप के कारण एनडीटीवी पर सरकार ने २४ घंटे के लिए बेन लगाने का आदेश भी दिया था जिसकी सुनवाई सुप्रीमकोर्ट तक पहुँच गयी .। इस मिडिया टीम NDTV के पत्रकार, एंकर रविश कुमार का अहम् रोल है जो सबसे शीर्ष पर दीखते हैं। kyon ravish kumar pm modi virodhi hai 

एनडीटीवी सरकार को लुटते देख आँख मूंदे रहती थी

जी हां,  रविश कुमार एक ऐसे पत्रकार है जो सरकार की अच्छी नीतियों में भी कम निकलकर व्यूवर को कन्फुज करने का कम करते है . सरकार विरोधी खबर दिखाना मिडिया का अहम् कम्में से एक होना चाहिए लेकिन सिर्फ विरोध ही करते रहें ये एकतरफा मन जायेगा . क्योंकि कल तक जब यूपीए की सरकार थी तब तो एनडीटीवी सरकार को लुटते देख आँख मूंदे रहती थी और मलाई भी खूब खायी परन्तु आज जब देश को लुटने से बचने वाली विचारधारा की एक सरकार बनी है तो आप सरकार विरोधी होने को मिडिया का दायित्व बताने में जुट गए है . लेकिन आपकी यह दायित्व उस वक्त कहाँ गयी थी जब आपना करोडो का लोन माफ़ करवाने की शाजिस रची थी. kyon ravish kumar pm modi virodhi hai 

 

रविश कुमार पूर्व में ऐसे नहीं थे क्योंकि उस समय कांग्रेस की सरकार थी। लेकिन जब से मोदी सरकार बनी है। तब से रविश कुमार देश विरोधी तत्वों का पूरा समर्थन करते है। इससे पहले वे बीजेपी और आरएसएस विरोधी थे। लेकिन 2014 में जब पीएम मोदी की सरकार बनी तो रविश कुमार सरकार के ही विरोधी बन गए। kyon ravish kumar pm modi virodhi hai 

 

आईये अब हम आपको रविश कुमार के बारे में कुछ इसे तथों से रूबरू करता हु जो सायद उनकी सोच को स्पष्ट करने में सहायता प्रदान करगा .

 

रविश कुमार बिहार राज्य के पूर्वी चंपारण स्थित मोतिहारी के जितवारपुर के निवासी है। इनका जन्म 5 दिसंबर 1974 को हुआ था। रविश की प्रारम्भिक शिक्षा गांव से हुई। वही रविश कुमार ने हाई स्कूल की शिक्षा पटना से पूरी की। जबकि उच्च शिक्षा के लिए वे दिल्ली आ गए। जंहा डीयू से स्नातक और भारतीय जन संचार संस्थान से स्नातकोत्तर की। ब्राह्मण जाति से तालुक रखने वाले रविश कुमार ने अंतर जाति की लड़की नयना दासगुप्ता से शादी की। जो बंगाल की है और एनडीटीवी के मालिक प्रणव राय भी बंगाल के ही हैं यही से एनडीटीवी में इनकी पहुँच ऊपर होनी सुरु हुयी और आज वे टीम लीडर के रूप में आचुके है . kyon ravish kumar pm modi virodhi hai 

 

क्यों रविश कुमार का पीएम मोदी के विरोधी की वजह पर एक नजर डाले kyon ravish kumar pm modi virodhi hai .

कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी पार्टी फुट डालो और राज करो की निति अपनाते है। कांग्रेस सरकार के दौरान कई ऐसे घोटाले हुए है जिस पर आज तक क़ानूनी कार्यवाही चल रही है और उसे जस्टिफाय करने की नाकाम कोशिसे भी होती रहती है। उसवक्त इन घोटालों से पर्दा इसलिए नहीं हट पाया था क्योंकि कांग्रेस सरकार के दौरान NDTV को कई तरह से खुली छूट दी गयी थी। जिससे NDTV चैनल का दबदबा अन्य चैनल पर बना रहा। kyon ravish kumar pm modi virodhi hai 

रविश कुमार जिस चैनल में काम करते है। उसके मालिक पर आरोप है की वे यूपीए सरकार के समय में इंडिया बुल्स से अपनी ही कंपनी का शेयर खरीदने के लिए 439 करोड़ का लोन लिया. इस कर्ज को चुकाने के लिए आईसीआईसीआई बैंक से 375 करोड़ का कर्ज लिया गया. आईसीआईसीआई बैंक के 375 करोड़ रुपये प्रणय रॉय को 19 फीसदी ब्याज़ पर मिले थे. बाद में समय से पहले कर्ज चुकाने के लिए आईसीआईसीआई icici बैंक ने 25 करोड़ की छूट दे दी और 375 करोड़ का लोन 350 करोड़ रुपये में लोन खत्म करा लिया इसमें सीधा 25 करोड़ का तो बैंक का नुकसान हुवा ही साथ में 19 परसेंट ब्याज भी गया, kyon ravish kumar pm modi virodhi hai 

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अब मैं पूछता हूँ की क्या कभी किसी गरीब का 25 रुपया माफ़ नहीं होता. साफ है की उसवक्त कांग्रेस की सरकार थी और एनडीटीवी का सरकार में दबदवा था इसी का उन्हें फायदा मिला जिसके बदले में एनडीटीवी ने सरकार के घोटालों की खबर को सावधानी से दिखाया और लिपा-पोती  की। अब जब एनडीए सरकार बनी तो एनडीटीवी की जाँच सीबीआई से शुरू करने का फैसला लिया गाया यही से रविश कुमार मोदी जी के विरोधी बन गए और जो एनडीटीवी कल तक सरकार के पक्ष में बोलते नहीं थकती थी अब सरकार विरोधी बन कर मीडिया की दायित्व समझाने में लगे है.     kyon ravish kumar pm modi virodhi hai 

 

आज बंगाल में जब वामपंथी विचारधारा दब रही है

इसके आलावा रविश कुमार का मोदी विरोधी होने का कारण प्रणव राव है। जैसा कि आप जानते है कि रविश कुमार एक बंगाली लड़की से शादी की है। जिसके प्रणव राव से नजदीक का रिश्ता है। एक बार जब रविश कुमार ने NDTV चॅनेल को क्विट भी कर दिया था। परन्तु उन्होंने और किसी चैनल में जॉब नहीं किया। कुछ दिनों बाद रविश कुमार को NDTV में फिर से जॉब मिल गयी।

NDTV के मालिक चाह कर भी रविश कुमार को जॉब से हटा नहीं सकते है। क्योंकि रविश कुमार के पास NDTV के कई ऐसे गोपनीय जानकारी है। जिससे प्रणव राव फंस सकते है। जबकि पिछले दिनों जब बर्खादत्त को एनडीटीवी से निकाला गया तो एसी कयाश लगायी जा रही थी की रविश कुमार को भी एनडीटीवी से निकला जा सकता है परतु रविश कुमार की पकड़ के कारण वह आज भी NDTV चैनल का शीर्ष पद पर बने हुए है। kyon ravish kumar pm modi virodhi hai 

 

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आपको एक बात बतादे की NDTV चैनल पहले एक हिन्दू devoshanal पोर्टल भी चलता था और एक मोबाइल एप भी चलता था लेकिन कुछदिनों पहले उसे भी बंद करा दिया गया इससे पता चलता है की ndtv हिन्दू धर्म को प्रमोट करने में चिडता है जबकि अन्य धर्मों पर ज्यादा फोकस करता है । ये लिबरल होने के बहाने सभी धर्मों के लोगों को लड़ने की कोशिश में लगा रहता है। इस चैनल पर कभी भी कोई आध्यात्मिक चीज़े कम ही दिखाई जाती है।

NDTV चैनल का मैन टारगेट इंटरनेट यूजर है क्योंकि टीवी चैनेल को तो बहुत कम लोग देखते हैं परन्तु इन्टरनेट पर यह ग्रुप काफी लोकप्रिय है और यह देश की सबसे ज्यादा देखे जाने वाले वेब पोर्टल में से एक है ।

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