नेताओ के ब्लैक मनी से जनता करेगी मौज!

मोदी सरकार द्वारा ५००-१००० के नोट पर बैन लगाए जाने के बाद चुनावी माहौल पर भी इसका बहुत बड़ा असर पड़ा हैं। चुनाव में कुछ ही समय बचा गया हैं। leaders black money public enjoy

युपी, पंजाब ,गोवा ,उत्तराखंड और गुजरात में चुनाव होने जा रहे हैं और यह १ कड़वा सच हैं की चुनाव में पैसो का धड़ल्ले से इस्तेमाल होता आया हैं। सभी राजनीतिक पार्टिया चुनावो में अपने वोटरो को लुभाने के लिए धन बल का प्रयोग करती हैं।

वोटिंग वाले हफ्ते या मतदान से एक दिन पहले वोटरों के बीच नोट बांटे जाते हैं। राजनीतिक पार्टियां अपने लोगों के जरिए गांवों और ब्लाकों में करेंसी बंटवाते हैं।

तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक खास तौर पर इसके लिए बदनाम हैं। हालांकि, राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उत्तर भारत के राज्य भी ज्यादा पीछे नहीं हैं।

यूपी और पंजाब, जहां पार्टियों के बीच कड़ा मुकाबला होने की उम्मीद है, वहां भी नोट के बदले वोट की आशंकाओं को खारिज नहीं किया जा सकता।
फिलहाल पार्टियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि वे 31 दिसंबर से पहले इस छिपे हुए धन का सही इस्तेमाल कैसे करें। इस डेडलाइन के बाद सारे नोट कूड़े के समान हो जाएंगे।

राजनितिक गलियारों में अभी उन तौर-तरीकों को लेकर हलचल हो रही है, जिनके जरिए इस भारी भरकम रकम को ब्लैक से वाइट किया जा सके।

इनमें सहयोगियों के जरिए छोटी-छोटी रकम को बैंक से एक्सचेंज कराने का तरीका भी शामिल है। हालांकि, ये तरीका पार्टियों को उतना कारगर नजर नहीं आ रहा। leaders black money public enjoy, leaders black money public enjoy, leaders black money public enjoy, leaders black money public enjoy