ऐसे करें महाशिवरात्रि में शिव जी की पूजा तो प्राप्त होगा इच्छित वर




वेदों, पुराणों एवं शास्त्रों के अनुसार फाल्गुन माह में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को महाशिवरात्रि मनाई जाती है। तदनुसार, मंगलवार 13 फरवरी 2018 को महाशिवरात्रि मनाई जाएगी। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इस तिथि को शिव जी लिंग रूप में प्रकट हुए थे। जबकि अन्य ग्रंथो में इस तिथि को शिव-पार्वती विवाह का वर्णन है। ऐसे करें महाशिवरात्रि में शिव जी की पूजा तो प्राप्त होगा इच्छित वर mahashivratri vrat katha 

मात्र 2 मिनट में पेट की गैस, एसिडिटी से छुटकारा

ये पर्व विशेषकर महिलाएं के लिए फलदायी होता है। विवाहित नारी अपने पति के सौभाग्य और अविवाहित नारी सुन्दर वर के लिए पूजा व उपवास करती है। हिन्दू धर्म के अनुसार मासिक शिवरात्रि के दिन व्रत करने से हर मुश्किल कार्य सुगम हो जाता है। ऐसे करें महाशिवरात्रि में शिव जी की पूजा तो प्राप्त होगा इच्छित वर  mahashivratri vrat katha 

शिवरात्रि की कथा

धार्मिक ग्रंथो के अनुसार महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव जी लिंग रूप में प्रकट हुए थे, और सर्वप्रथम भगवान शिव जी के लिंग रूप को भगवान ब्रह्मा और विष्णु ने पूजा था। पौराणिक परम्परा के अनुसार लोग शिवरात्रि के दिन शिवलिंग की पूजा करते है। हिन्दू पुराणो की माने तो शिवरात्रि व्रत प्राचीन काल से ही मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि देवी लक्ष्मीं, सरस्वती, गायत्री, सीता, पार्वती तथा रति ने भी महाशिवरात्रि का व्रत किया था।  mahashivratri vrat katha 

मैं हिन्दू हूँ पर दिल पाकिस्तानी है : मणिशंकर अय्यर

भक्त जो महाशिवरात्रि करना चाहते है वो मासिक शिवरात्रि का प्रारम्भ महाशिवरात्रि के दिन से कर सकते है। महिला व् परुष सभी इस व्रत को कर सकते है। भक्त को महाशिवरात्रि की रात में जग कर शिव जी की पूजा व् भजन करना चाहिए। शिवरात्रि के करने से जीवन में सुख और शांति प्राप्त होता है और भगवान शिव जी की कृपा से व्रत धारी के सारे बिगड़े काम बन जाते है। अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें www.hindumythology.org