देखिये ममता सरकार ने किस तरह हिंदुओं को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा




प. बंगाल में भाजपा व तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के बीच लगातार झड़प जारी है। रामनवमी के बाद हनुमान जयंती पर दोनों एक दूसरे से भिड़ते भिड़ते रहे। प. बंगाल में पुलिस द्वारा भाजपा के कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए हर संभव कोशिश की जा रही है। लेकिन जिस प्रकार से जनाधार बढ़ रहा है इससे ममता बनर्जी को सिर के बल पड़ गया है। मौका था हनुमान जयंती का। mamta banrjee hinduon ko pitva rahi hai 

जिससे स्थानीय लोगों में काफी रोष है।

इस मौके पर भी जुलूस निकालने की मनाही कर दी गई थी। जो कि सामान्य सी घटना होती है और यह आस्था का विषय है। भाजपा और आरएसएस नेताओं ने अपने समर्थकों के साथ बीरभूम जिले में सूरी में एक विशाल जुलूस निकाला जिसे पुलिस ने रोक दिया। इस जुलूस में पांच हजार लोग शामिल थे। जिस पर पुलिस ने लाठी चार्ज भी किए जिसमें आठ लोग घायल भी हो गए। mamta banrjee hinduon ko pitva rahi hai 

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दरअसल ममता बनर्जी को यह साफ डर समा गया है कि अब प्रदेश में भाजपा की जनाधार तेजी से बढ़ रहा है जिसे रोक पाना मुश्किल है। इसलिए लगातार वह कोशिश कर रही है कि किसी भी तरह से भाजपा और आरएसएस की कोई बड़ा आयोजन न हो। ममता बनर्जी को पता है कि उत्तर पूर्व राज्यों में जिस तरह से भाजपा ने अपनी पैठ बनाई है ऐसे में प. बंगाल में अब देर नहीं है। mamta banrjee hinduon ko pitva rahi hai 

गौरतलब है कि रामनवमी में भी जब भाजपा ने रैली निकाली थी तो तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता उस समय हनुमान जयंती मनाई जिससे की विवाद हो सके। ऐसी कोशिश की जा रही थी कि राम और हनुमान में भी विवाद पैदा किया जा सके। जिसमें स्थानीय प्रशासन सफल नहीं हो सका। अब जब हनुमान जयंती मनाने का समय आ गया तो रैली निकालने से मना कर एक बार फिर तुगलकी फरमान जारी कर दिया। जिससे स्थानीय लोगों में काफी रोष है। mamta banrjee hinduon ko pitva rahi hai