भ्रष्टाचार पर केजरीवाल जनता के 4 मूल सवालों का जवाब दें – मनोज तिवारी




नई दिल्ली, 24 नवम्बर।   दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष श्री मनोज तिवारी ने कहा है कि अरविंद केजरीवाल शिक्षा, स्वास्थ्य, सार्वजनिक परिवाहन व्यवस्था की मजबूती और भ्रष्टाचार उन्मूलन के अपने वादों पर पूरी तरह विफल रही है। दिल्ली की जनता आज परेशान है और हम जनसम्पर्क के दौरान जनता के मन में कुछ मौलिक सवाल कौंधते पाते हैं और अब समय आ गया है कि दिल्ली सरकार के मुखिया इनके जवाब दें। manoj tiwari slams kejariwal

मुख्यमंत्री दिल्ली वालों के 4 मूल सवालों का जवाब देंः

1.     दिल्ली सरकार के विद्यालयों में शिक्षकों का भारी अभाव है पर उप मुख्यमंत्री करोड़ों रुपये के विज्ञापन जारी कर सरकारी स्कूलों में शिक्षा स्तर में सुधार के दावे कर रहे हैं, अभिभावक बैठकों के प्रचार पर करोड़ों खर्च कर रहे है — वहीं हजारों गरीब अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों से निकाल रहे हैं, हाल ही में सामने आये शिक्षा विभाग के आंकड़े भी इसकी पुष्टि करते हैं — मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जवाब दें अगर सरकारी स्कूलों का स्तर सुधरा है तो फिर छात्रों की संख्या कयों घट रही है? manoj tiwari slams kejariwal

2.     दिल्ली सरकार मौहल्ला क्लीनिक एवं सरकारी अस्पतालों को विश्वस्तरीये बताती है, 70 वर्ष में सर्वाधिक बजट स्वास्थ्य सेवाओं के लिए दिये जाने के दावे हैं और स्वास्थ्य मंत्री इनके प्रचार पर करोड़ों खर्च कर रहे हैं —- पर जनता सरकारी अस्पतालों से त्रस्त है, मौहल्ला क्लीनिक में डाक्टर, दवा नहीं तो अस्पतालों में दवा एवं जांच उपकरण के घोटाले खुल रहे हैं, मरीज मजबूरी में बड़े-छोटे निजी अस्पतालों में हजारों नहीं लाखों के बिल भरने को बाध्य हैं —- जबकि ताहिरपुर एवं जनकपुरी में दो-दो सरकारी सुपर स्पेशिलिटी अस्पतालों के भवन तैयार और सरकार ने वहां डाक्टर नियुक्त करना तो दूर उपकरण खरीद पर भी ध्यान नहीं दिया है, वहां केवल ओ.पी.डी. चल रही हैं —- मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जवाब दें अगर सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के लिए सर्वाधिक बजट आबंटित किया तो फिर भी गरीब जनता निजी अस्पतालों में जाने को बाध्य क्यों ? manoj tiwari slams kejariwal

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3.     दिल्ली सरकार सार्वजनिक परिवाहन व्यवस्था मजबूत करने के वादे के साथ सत्ता में आई थी पर सत्ता में आने के बाद से परिवाहन मंत्री निजी यातायात वाहनों पर प्रदूषण बढ़ाने का लगातार दोष मढते रहे पर सार्वजनिक परिवाहन व्यवस्था में सुधार के लिये कोई ठोस कदम नहीं उठाया —- दिल्ली उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त विशेषज्ञ कमेटी ने कल 23 नवम्बर को न्यायालय को बताया कि 2000 बसों का पार्किंग स्थान एवं धन उपलब्ध होते हुऐ भी दो साल से 2000 लो फलोर बसों की खरीद को रोक रखा है —- मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जवाब दें अगर वह सार्वजनिक परिवाहन व्यवस्था की मजबूती को प्रदूषण घटाने के लिये आवश्यक मानते हैं और जैसा विशेषज्ञ कमेटी ने कल न्यायालय को बताया कि पार्किंग स्थान उपल्बध है तो फिर सरकार ने 2000 बसों की खरीद को क्यों टाला है ? manoj tiwari slams kejariwal

4.     दिल्ली सरकार भ्रष्टाचार के मुद्दे पर जीरो टोलरैंस के वादे के साथ सत्ता में आयी थी, विधायक अमानतुल्लाह खान को दिल्ली वक्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष पद से पद दुरुपयोग के गम्भीर आरोप लगने के बाद पद से हटाया गया था पर समाचारों के अनुसार केजरीवाल सरकार ने पुनः नियुक्त करने की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी है, जबकि अभी उन्हे किसी जांच में क्लीन चिट नहीं मिली है —-  मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जवाब दें उनके भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरैंस वादे का क्या हुआ, आखिर क्यों वह एक पद दुरुपयोग एवं भ्रष्टाचार के आरोपी को पद पर बनाये रखना चाहते हैं ? manoj tiwari slams kejariwal

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