कांग्रेस ने शुरू की शहीद इशरत जंहा एम्बुलेंस सर्विस





प्रवीण कुमार, martyr ishrat janha ambulance
एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है और यह खबर महाराष्ट्र के ठाणे जिले के मुम्ब्रा से है जंहा माय मुम्ब्रा फाउंडेशन नाम की एक गैर सरकारी संगठन है जो इशरत जंहा के नाम पर एम्बुलेंस की सेवा प्रदान करती है और ये सेवा मुफ्त में दी जाती है किन्तु गौर करने वाली बात ये है कि इस गैर सरकारी संगठन ने इस एम्बुलेंस सर्विस का नाम शहीद इशरत जंहा रखा है और तो और इस एम्बुलेंस का उद्घाटन कांग्रेस मंत्री बृंदा करात ने 25 दिसम्बर 2011 को की थी।

अब जबकि अदालत ने मोदी जी को इशरत जंहा एनकाउंटर केस में मोदी को क्लीन चीट दे दिया है तो इसके बाद अब मुंबई में इस एम्बुलेंस के प्रति लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है लोगों ने साफ-साफ धमकी देते हुए कहा है कि एक आतंकवादी के नाम से देश में कोई भी गतिविधि नहीं होने दिया जाएगा जोकि जायज है। martyr ishrat janha ambulance

आतंकवाद के नाम पर कई धंधे चल रहे है

गुस्साए लोगों ने माय मुम्ब्रा फॉउंडेशन को चेतावनी देते हुए कहा है कि जल्द इस नाम की जगह पर कोई अन्य नाम रख लें। वर्ना, शहीद इशरत जंहा के नाम से मुंबई में कोई एम्बुलेंस नहीं चलने दिया जाएगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि आतंकवादी के नाम पर एम्बुलेंस नहीं चलाने दिया जाएगा। इस संदर्भ में गैर सरकारी संगठन माय मुंब्रा फाउंडेशन का कहना है कि ये केवल इशरत जंहा की स्मृति के लिए किया गया है, हमारा उद्देश्य राष्ट्रहित को आहत नहीं करना है।

अलसी जिसे तीसी, या चिकना के फायदे जान कर हैरान रह जायेंगे आप

शायद, इस गैर सरकारी संगठन ने हेडली के बयान और अदालत के फैलसे पर ध्यान नहीं दिया है। जिसमें हेडली ने बयान में यह कहा कि इशरत जंहा एक फिदायीन आतंकवादी थी और वो लश्कर ए तोइबा के लिए काम करती थी। इशरत जंहा अपने तीन साथियों के साथ गुजरात वर्तमान में प्रधानमंत्री और तत्कालीन गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या के लिए गई थी किन्तु ख़ुफ़िया विभाग जानकारी पर करवाई करते हुए गुजरात पुलिस ने इशरत जंहा सहित तीन आतंकियों को मार गिराया था।

इस एनकांउटर के बाद विपक्षी पार्टी ने जमकर मोदी का विरोध और इशरत का समर्थन किया था बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने इशरत जंहा को बेटी का दर्ज दिया था। कांग्रेस और अन्य देश विरोधी विपक्षी पार्टियों के सहयोग का परिणाम है कि देश में आतंकवादी के नाम पर कई धंधे चल रहे है।