मायावती देगी मोदी को चुनौती





बसपा सुप्रीमो मायावती ने तीन वर्षों से लगातार खोते जा रहे जनाधार को दोबारा हासिल करने के लिए नई रणनीति पर कार्य कर रही है। अब पार्टी के अन्य नेताओं को भी मंच से बोलने की इजाजत देने का फैसला किया है। राज्यसभा से इस्तीफे के बाद मायावती ने पार्टी की नई रणनीति के तहत 18 सितंबर से 18 जून 2018 तक यूपी दौरे का कार्यक्रम बनाया है। mayawati degi modi ko chunauti

 mayawati degi modi ko chunauti मायावती की राजनीतिक चाल

हर महीने की 18 तारीख को दो मंडलों में एक रैली होगी। खासबात यह है कि मायावती ने अपने पार्टी में आमूलचूल परिवर्तन करते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलने का ऐलान किया है। मायावती जो रैली करने वाली हैं इसके लिए उन्होंने विस्तृत रणनीति बनाई है इसके तहत हर रैली में कम से कम ढ़ाई लाख लोग शिरकत करेंगे।




पार्टी के थिंक टैंक ने हर विधानसभा क्षेत्र से 5000-5000 लोगों को लाने का लक्ष्य तय किया है। बसपा ने उन प्रत्याशियों को पूरी जिम्मेदारी दी है जो 2017 के विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार थे। ये पूर्व प्रत्याशी संगठन के साथ मिलकर संसाधन जुटाएंगें। यही रैली लोकसभा चुनाव 2019 और विधानसभा चुनाव 2024 के लिए प्रत्याशी चयन का भी आधार होगा। mayawati degi modi ko chunauti

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दरअसल मायावती ने पार्टी की रणनीति में इतनी बड़े बदलाव लोकसभा और विधानसभा में बुरी तरह हार के बाद लाने का निश्चय किया है। मायावती को यह साफ पता चल गया है कि जिस प्रकार से मोदी की जीत का रथ आगे बढ़ रहा है ऐसे में उत्तर प्रदेश में उनके लिए पांव जमाना काफी मुश्किल होगा। इसलिए खास रणनीति के तहत पार्टी को समय देना मुनासिब है। mayawati degi modi ko chunauti

बसपा अभी भी मान कर चल रही है कि भाजपा लगातार बसपा के वोट बैंक दलितों पर डोरा डालने की कोशिश कर रही है लेकिन उसे सफलता हासिल नहीं मिल रही है। दरअसल जिस प्रकार से उत्तर प्रदेश से दलित समुदाय से आने वाले रामनाथ कोविंद को राष्ट्रपति चुना है। उसके बाद से प्रदेश में यह माहौल तैयार हुआ है कि दलितों का स्वाभाविक झुकाव भाजपा की ओर हो गया है। mayawati degi modi ko chunauti

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बसपा अपने दलित वोट बैंक को बचाने की रणनीति बनानी पड़ रही है। और इसीलिए 18 सिंतबर से आंदोलन की शुरूआत की है। इस रैली में केंद्र और राज्य सरकार की असलियत को सामने लाने का निर्णय लिया गया है। बसपा अपने आंदोलन की शुरुआत मेरठ से करेगी। mayawati degi modi ko chunauti

हालांकि उसके कार्यकर्ता सहारनपुर से रैली की शुरुआत करने पर जोर दे रहे थे लेकिन मायावती ऐसा कुछ नहीं करना चाहती जिससे की केंद्र में बैठे भाजपा को मौका लगे। भाजपा सहारनपुर में माहौल खराब करने का आरोप जड़ सकती है। गौरतलब है कि मायावती 2017 के विधानसभा चुनाव प्रचार भी मेरठ से ही शुरुआत किया था। mayawati degi modi ko chunauti

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