मिलिए देश के दो दिग्गज देशभक्त से जिसने लोगों को दीवाना बना दिया





31 जुलाई साहित्य और संगीत का एक अनोखा मिश्रण है जी हाँ इस दिन एक महान लेखक की जन्म तिथि जबकि दूसरी तरफ एक महान गायक की पूण्य तिथि है। साहित्य के सम्राट मुंसी प्रेमचन्द का जन्म 31 जुलाई 1880 ईस्वी में हुआ था। आपको जानकर आस्चर्य होगा की ठीक सौ साल बाद आज ही के दिन आवाज की दुनियाके बेताज वादशाह मोहम्मद रफी साहब का पूण्य तिथि है। meet nation two patriot person 

याद होगा आपको रफी साहब का वो गाना जिसमें उनहोंने गाया था सौ साल पहले हमे तुमसे प्यार था आज भी है और कल भी रहेगा। ये यहां शत प्रतिशत लागू होता है। यहां साहित्य और संगीत के दोनों पुरोधाओं को हम श्रद्धा सुमन अर्पित करते है । meet nation two patriot person 

जहां अपनी साहित्य को लेकर मुंशी प्रेमचंद सदा समीचीन रहेंगे वहीं अपने आवाज को लेकर मोहम्मद रफी भी हमेशा हमेशा के लिए अमर हो गए हैं। एक की रचना लोगों को जीने का जज्बा पैदा करता है,तो दूसरी तरफ रफ़ी के गीत जीवन को जीने का अंदाज सिखाता नजर आता है। meet nation two patriot person 

जिसने भी प्रेमचन्द की लिखी कृतियों को पढ़ा है, उनकी आँखें रचनाओं को पढ़ते समय अवश्य नम हो गयी होगी। जो आज भी रफी साहब के दर्द भद्दे नग्मों को सुनते हैं उनकी भी आँखें अवश्य नम हो जाती हैं। कई लोगों को इनसे दुबारा जीने की तमन्ना अवश्य जागी होगी। meet nation two patriot person 

हम कलम के जादूगर को कोटि कोटि प्रणाम करते हैं meet nation two patriot person 

जिन्हें पढ़ने लिखने का शौक होगा उनका प्रथम प्रेम प्रेमचन्द के अलावा कौन हो सकता है। हम कलम के जादूगर को कोटि कोटि प्रणाम करते हैं। वैसे ही जो गाने का शौक रखते हैं वो ये ही दुआ करते हैं कि मेरी आवाज रफी साहब के जैसा हो। meet nation two patriot person 

बॉलीवुड में केवल एक देशभकत है

आपको ये बता दूँ की रफी साहब को 6 बार फिल्म फेयर अवार्ड और एक बार राष्ट्रीय फिल्म फेयर अवार्ड से नवाजा गया। इस अवसर पर हमारी ये दुआ है की जितनी जल्दी हो सके आप पुनः इस धरती पर आकर साहित्य एवम संगीत का नव सृजन करें। क्या कहूँ ? क्या कहूँ एक के गाने ने तो दूसरे की कहानियों ने जो मुझे अपना दीवाना बना दिया है। meet nation two patriot person 

जब आप जैसों की आत्मा शांत हो जायेगी तो दुनिया जीते जी मर जायेगी। आप आज भी अमर हैं और आगे भी रहेंगे। आप हमेशा पढे और सुने जाएंगे। इसमें कोई दो राय नही है। एक की जन्म तिथि और दूसरे की पूण्य तिथि के अवसर पर में आप दोनों को कोटि कोटि प्रणाम करता हूँ। उम्मीद करता हूँ की आप अवश्य हमारे बीच दुबारा आएंगे और अपने साहित्य और संगीत से सबको सराबोर करेंगे।  meet nation two patriot person 
( हरि शंकर तिवारी )