देश को पुरुष नहीं महिला राष्ट्रपति की जरुरत है : राहुल गाँधी




17 दलों के समर्थन के साथ पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने राष्ट्रपति पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया। मीरा कुमार पूर्व उपप्रधानमंत्री जगजीवन राम की सुपुत्री हैं। मीरा कुमार के साथ कांग्रेस की टॉप लीडरशिप नामांकन के समय मौजूद थी। मीरा कुमार ने नामांकन भरने के एक दिन पहले कहा है कि वे सभी जो इस राष्ट्रपति चुनाव में मत देंगे उनको हमने पत्र लिखा है और समर्थन देने को कहा है। meira kumar life story 

meira kumar life story कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी कहीं नहीं दिखे

गौरतलब है कि यूपीए का एक बड़ा धड़ा एनडीए के साथ है वह है जदयू। जिसको लेकर बिहार में घमासान जारी है। लेकिन जदयू एनडीए उम्मीदवार रामनाथ कोविंद को अपना समर्थन देने पर अडिग है। मीरा कुमार ने कहा है कि वे अपने प्रचार साबरमती आश्रम से शुरू करेंगी। क्योंकि महात्मा गांधी शोषित पीड़ितों के लिए सदा लड़ते रहे। meira kumar life story 

विपक्षी दलों की एकता समावेश समाज के निर्माण के लिए है

मीरा कुमार ने कहा कि राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव हो रहे हैं ऐसे में दलितों के बीच की लड़ाई नहीं समझनी चाहिए। चुनाव दो विचारधारा के बीच ही माना जाना चाहिए। मीरा कुमार बहुत सधी नेता की तरह अपने बयान दिए। जिससे साफ हो गया है कि वे पूरी तरह से तैयार होकर मैदान में उतरी हैं। हालांकि जिस तरह से एनडीए ने अपने उम्मीदवार तय किए उसके बाद महागठबंधन में फूट पड़ गई इससे मीरा कुमार कमजोर पड़ गई। इनसब बातों को मीरा कुमार भूला कर अपना ध्यान चुनाव पर लगा रही हैं। meira kumar life story 

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मीरा कुमार से जब यह पूछा गया कि यदि यूपीए पहले उम्मीदवार तय करता तो शायद आपकी दावेदारी ज्यादा होती। तो उनका जवाब था कि यदि और इफ बट लगा रहता है। मैं मैदान में हूं। और सभी मत देने वाले को पत्र लिख चुकी हूं। meira kumar life story 

विपक्षी दलों की एकता समावेश समाज के निर्माण के लिए है। वहीं मीरा कुमार के नामांकन दाखिल करने पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी कहीं नहीं दिखे, वे अभी छुट्टी पर चल रहे हैं। गौरतलब है कि राष्ट्रपति पद के लिए 17 जुलाई तक नामांकन पत्र दाखिल किया जा सकता है। meira kumar life story 




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