मेरे पिता जी गरीबों के मसीहा है : तेजस्वी यादव




11 जून को राजद सुप्रीमो बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव का उनके निवास स्थान पर पारिवारिक सौहार्द के साथ 69वां जन्म दिवस मनाया गया। इस अवसर पर परिवार के सभी सदस्य सहित कुछ गणमान्य लोग भी उपस्थित थे। लालू प्रसाद यादव ने वेस्टर्न रीति रिवाज के अनुसार केक काट जन्मदिन मनाया। mere pita garibon ke masiha hai 

लालू यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव ने अपने पिता लालू यादव को गरीबों का मसीहा बताया। उन्होंने कहा कि मेरे पिता जी नेतृत्व में बिहार ने असाधारण विकास किया। आज बिहार खुशहाल मेरे पिता जी के कारण है क्योंकि उन्होंने जात-पात, धर्म, लिंग आदि से उठकर राज्य के विकास के लिए काम किया। तेजस्वी यादव ने ट्विटर पर ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। हालांकि, लालू यादव जन्मदिन के दो दिन बाद ही वो अस्वस्थ हो गए है लेकिन उनकी स्वास्थ स्थिति स्थिर और नियंत्रण में है। mere pita garibon ke masiha hai 

आपको बता दें कि महागठबंधन की सरकार में लालू के दोनों बेटों को बड़ा और ओहदा पद मिला है। जिससे बिहार में लालू का कद बढ़ा है। हालांकि, कई अवसर लालू यादव के दोनों बेटों को अपने पद का दुरपयोग करते पाया गया है। जैसे हाल ही में तेज़ प्रताप यादव का वृन्दावन यात्रा है। इसके अतिरिक्त उन्होंने अपने घर के पास जितने झुग्गी झोपडी थी उसको एक ज्योतिष के निर्देशानुसार तुड़वा दिया। जिससे झुग्गी-झोपडी में रहने वाले लोग बेघर हो गए है। जबकि तेजस्वी यादव को बाहुबली शहाबुद्दीन के साथ एक विशाल होर्डिंग में देखा गया था। mere pita garibon ke masiha hai 

गौरतलब है कि बिहार में महगंठबंधन की सरकार बनने के बाद राज्य की स्थिति चरमरा गयी है। हर क्षेत्र में बिहार सरकार विफल नजर आ रही है। शिक्षा, स्वास्थ और सुरक्षा की स्थिति लचर बनी हुई है। ऐसे में बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव का अपने पिता जी को गरीबों का मसीहा कहना, कहा तक उचित है। mere pita garibon ke masiha hai 

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विदित रहे कि लालू यादव पर चारा चोर का आरोप अदालत में लंबित है। जिसके लिए कई बार लालू यादव जेल जाकर रिहा हो चुके है। अब भी लालू यादव और बेटे, बेटी पर आय से अधिक सम्पत्ति का मामला दर्ज है। ऐसे में तेजस्वी यादव का बड़बोलापन केवल बिहार के गरीब लोगों को रिझा सकती है। वास्तविकता तो ये है कि लालू के नेतृत्व में बिहार में जो घोटाला और बबाल हुआ है। उसका प्रयाश्चित आज भी बिहार के लोग झेल रहे है।  mere pita garibon ke masiha hai 
( प्रवीण कुमार )