मोदी न केवल भारत का बल्कि एशिया का राजा है : ईरानी मीडिया modi iran visit 2016





न्यूज़ डेस्क,

मोदी की दो दिन की ईरान यात्रा कल समाप्त हो गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ईरान दौरे पर 12 अहम मुद्दे पर करार किया। जिसमें चाबहार बंदरगाह के विकास का मुद्दा अहम है। इस बंदरगाह के लिए पीएम नरेंद्र मोदी ने 500 मिलियन डॉलर्स का निवेश करने की घोषणा की। इस घोषणा के साथ भारत और ईरान के मध्य व्यापार निवेश और बढ़ जाएगा। आपको बता दें इस बंदरगाह के लिए भारत और ईरान ने पाकिस्तान को दरकिनार कर दिया है। modi iran visit 2016

समुद्री मार्ग के जरिये भारत और ईरान बिना पाकिस्तान की समुद्री सीमा में प्रवेश किये व्यापार करेगा। जिससे पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा है। इस मार्ग में अफगानिस्तान के मार्ग से ईरान पहुंचा जाएगा। ईरानी मीडिया ने मोदी के इस ऐतिहासिक घोषणा का थे दिल से स्वागत किया है।

ईरान और भारत के बीच हुए द्विपक्षीय वार्ता और संधि से दोनों देशो के मध्य आपसी सहयोग बढ़ा है। इससे पहले 2009 में भारत और ईरान के बीच उस समय दरार पैदा हो गया था। जब मनमोहन सरकार ने ईरान के परमाणु योजना का विरोध किया था। संयुक्त राष्ट्र ने ईरान पर प्रतिबंध लगा दिया था। जिसका भारत ने समर्थन किया था। किन्तु अब जबकि संयुक्त राष्ट्र संघ ने ये प्रतिबंध हटा लिया है तो भारत ने ईरान के साथ अपने संबंध को मजबूत  करने  का प्रयास किया है।

मोदी का न केवल ईरान सरकार ने बल्कि ईरानी मीडिया ने भी गर्मजोशी से स्वागत किया है। मोदी के बंदरगाह के लिए किये गए 500 मिलियन डॉलर्स की मदद का ईरानी मीडिया ने स्वागत किया है। इसका जिक्र करते हुए मीडिया ने कहा कि इस घोषणा से भारत चीन और पाकिस्तान पर दबाब बनाने में कामयाब हो गया है।

आपको बता दें कि चीन ने भी पाकिस्तान पर एक बंदरगाह स्थापित किया है जो ईरान और मध्य एशिया के व्यापार के लिए बनाया गया है। भारत ने इसका प्रतिउत्तर चाबहार बंदरगाह में  निवेश कर दी है। हालंकि, इसमें दो मत नहीं है कि मोदी ईरान के साथ दोस्ती का हाथ बढाकर ना केवल चीन पाकिस्तान बल्कि पुरे एशिया को जता दिया है कि एशिया का किंग कोई है तो वो भारत है।