मोदी ने लिया एक्शन नही छिनेगा मूकबधिर दिव्यागों का आश्रय




छत्तीसगढ़ के धमतरी जिला में मूक बधिर बच्चियोँ का एक मात्र छात्रावास है, यहाँ आस-पास के कई जिलों के दिव्यांग बालिकाएं रहती हैं। इनकी संख्या लगभग 108 बताई जा रही है। modi provide resource disabilities person 

अभी ये छात्रावास जहां चल रहा है वहां वो तमाम सुविधाएँ उन्हें मिल रही है जो की उन्हें मिलनी चाहिए। मामला तो ये तब चर्चा में आ गया जब इन दिव्यांग बच्चियों के पुनर्वास का आदेश जिला कलक्टर ने एक ऐसे निर्माणाधीन भवन में कराने को दिया जहां कोई सुविधा ही नही है। modi provide resource disabilities person 

इतना ही नही निर्माणाधीन इस छात्रावास तक पहुँचने के लिए मार्ग भी नही है। जबकि इस छात्रावास को चार दीवारी से भी नहीं घेरा गया है। इस छात्रावास में 108 मूक बधिर बच्चियोँ के लिए केवल दस कमरे और तीन शौचालय बने हुए हैं। modi provide resource disabilities person 

इस छात्रावास में इतने दिव्याग बच्चियों को रखना कही से भी उचित नही दिखाई देता है। सुविधा की बात तो दूर सुरक्षा की दृष्टि से यदि देखा जाए तो मानव क्या जानवरों को भी यहां नही रखा जा सकता है। उस छात्रावास में मूक बधिर बच्चियोँ को कैसे रखा जाए। इन दिव्यांग बच्चियोँ की उम्र सात वर्ष से लेकर बीस वर्ष तक की है। modi provide resource disabilities person 

तत्कालीन डीएम ने इन मूक बधिर बच्चियों को वहां सात दिनों के भीतर शिफ्ट करने का आदेश अपने कनीय अधिकारियों को दिया, तब इस आशय की खबर वहां के समाचार पत्रों में छपी। खबर छपी तो पुरे क्षेत्र में खलबली मच गई। modi provide resource disabilities person 

इस स्थिति में आदर्श पंचायत रुद्री के सरपंच सुशांत के नेतृत्व में कुछ पढ़े लिखे आम नागरिकों का एक प्रतिनिधिमंडल जिला मुख्यालय में जिलाधिकारी से मुलाक़ात के लिए गए, उस समय डीएम ने कहा हमे आपके सलाह की आवश्यकता नही है, get out from here। modi provide resource disabilities person 

दुनिया भर में दिव्यांगों को विशेष सुरक्षा की आवश्यकता है  modi provide resource disabilities person 

ये जानकारी हमें सरपंच एवम उनके साथ गए लोगों से मिली। वो लोग इस आदेश से और घबरा गए। घबरा कर विधायक, मंत्री और मुख्यमंत्री तक बात लेकर गए। लेकिन किसी ने एक नहीं सुनी।

वैसे यहां तक की छत्तीसगढ़ के राज्य गृहमंत्री ने भी ये कहा कि आपलोग जिस मुद्दे को लेकर हमारे पास आये है वो हमारा विभाग नही है। अतः इस मामले में मैं कुछ नहीं कर सकता है। जिसके बाद इनलोगों की एक और कोशिश नाकाम हो गई। modi provide resource disabilities person 

अब इनलोगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की याद आई। लोगों ने पीएम मोदी के मन की बात को सुनकर दिव्यांगों के तत्काल पुनर्वास को रोकने के लिए दिल्ली जंतर मंतर का रुख किया। यहाँ धरना प्रदर्शन के बाद जो ज्ञापन पीएमओ को सौपा गया। उसपर तत्काल कार्रवाई हुई और डीएम को अपना तुगलकी फरमान वापस लेना पड़ा। सात दिन के अंदर जो पुनर्वास की बात हुई उसे तत्काल टाल दिया गया। modi provide resource disabilities person 

जनदर्शन के दिन जिलाधिकारी नही थे, कुछ अधिकारियों ने नाम नही छापने की शर्त पर कहा की जिलाधिकारी को ऐसा फैसला नही लेना चाहिए। उनहोंने ये भी कहा कि अभी डीएम साहब नये-नये आये ही हैं। हो जाता है लेकिन मामला बहुत ऊपर चला गया। modi provide resource disabilities person 

जहां प्रधान मंत्री स्वंय को प्रधान सेवक कहते हैं वहां के डीएम को क्या करना चाहिए ? ये तो विचारणीय तथ्य है। वहां इस मामले को लेकर कानाफूसी आम जनता से लेकर अधिकारियों के बीच सुनी जा सकती है

प्रधानमंत्री प्रधान सेवक कहते हैं  modi provide resource disabilities person 

अब तो हर जगह मोदी जी के मन की बात चल रही है। अब अच्छे दिन आने वाले हैं। सरपंच ने मुख्यमंत्री को ईमानदार, कर्मठ, सुयोग्य और मेहनती व्यक्ति की संज्ञा दी है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार प्रकट किया। उनके साथ के लोगों ने कहा हमे पता था मोदी जी तुरन्त कार्रवाई करते हैं।

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जनदर्शन के दिन आये अधिकारियों ने कहा जब तक पूरी तैयारी नही करली जायेगी तबतक कोई पुनर्वास का कार्य नही होगा।

ज्ञात हो पिछले दिनों छतीसगढ़ में दिव्यांगों एवम बच्चियों के साथ हत्या एवम दुष्कर्म की घटनाएं बहुत ही बढ़ गई है। कई ऐसी घटनाएं अब छत्तीसगढ़ में शुरू हो गई है जो रोंगटे खड़ी कर देने वाली है।

अभी अभी कोंडा में एक आदिवासी लड़की के साथ दुष्कर्म की घटना घटी हैं जो निर्भया काण्ड से कई गुना ज्यादा क्रूर और आतंकित है। दुष्कर्म कर आरोपियों ने मूक बधिर बालिका को फेवीक्विक से आँख मुंह चिपचाकर जान से मार दिया । modi provide resource disabilities person 

रूह को कँपा देने वाली इस घटना को देखते हुए हम यही कह सकते हैं कि, यदि समय रहते ये लोग नही चेतते और उन मूक बधिर दिव्यांगों के लिए आवाज नही उठाते तो पता नही जहां इन्हें ले जाया जा रहा था वहां इन मूक बधिर बालिकाओं के साथ क्या होता ? modi provide resource disabilities person 

दिव्यांगों के साथ होने वाली बहुत सी घटनाएं दबा दी जाती है। एक प्रतिष्ठित समाचार पत्र में एक दिव्यांग वाली आधी अधूरी खबर को पढ़ कर मै हैरान हो गया। जहां बीएसएफ को उड़ा दिया जाता है। जहां जघन्य घटनाएं घट रही हैं वहां इन बच्चियों को इस तरह पुनर्वाश करने वाला डीएम का ब्यान सचमुच उन्हें कटघरे में खड़ा करता है। modi provide resource disabilities person 

डीएम का ब्यान सचमुच उन्हें कटघरे में खड़ा करता है

दिव्यांगों के मामले को लेकर हमने देश के विभिन्न हिस्सों का दौड़ा किया तो वहां से भी चौकाने वाला तथ्य सामने आया है। जिसको जानकर और पढ़ कर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे।

अभी अभी जापान में एक साथ कई दिव्यागों की ह्त्या कर दी गई, इससे हमें सीख लेनी चाहिए। ये हत्या इस बात को दर्शाता है कि दुनिया भर में दिव्यांगों को विशेष सुरक्षा की आवश्यकता है। धमतरी में भी यदि ये पुनर्वास हुआ होता तो यही चरितार्थ होता की आ बैल मुझे मार। modi provide resource disabilities person 

( हरि शंकर तिवारी )