मोदी और पुतिन की मुलाकात से भारत में बढ़ा आतंक का खतरा !




भारत और रुस के संबंधों के सत्तर वर्ष हो गए हैं दोनों देशों के संबंध ऐसे प्रगाढ़ हुए जिससे देश के कई समस्याओं को निदान मिला। भारत और रूस आतंकवाद से लड़ने के लिए कई समझौते किए हैं। भारत और रूस ने दुनिया के सभी देशों से सीमापार आतंकवाद रोकने की अपील करते हुए कहा कि इसे खत्म करने के लिए ऩिर्णायक और सामूहिक प्रयास आवश्यक है। दोनों देश आतंकवाद के खिलाफ अपना सहयोग जारी रखेंगे। modi putin meet 2017

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रुसी राष्ट्रपति पुतिन की ऐतिहासिक मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच संबंधों के लिए खटास पैदा हो गया। रुस पाकिस्तान के साथ युद्ध अभ्यास किया उसके बाद दोनों देशों के साथ संबंध में तनाव आ गया था। अब जब दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्ष से मुलाकात हुई तो सारे गिले शिकवे दूर हो गए। modi putin meet 2017

जिस प्रकार से अभी अमेरिकी राष्ट्रपति ने पेरिस जलवायु संधि से अपने आपको अलग कर लेने के बाद भारत में निवेश कम होने की संभावना हो गई थी। अब जब भारत और रुस दोनों देश के राष्ट्राध्यक्ष कई समझौते कर लिए हैं तो तय है कि आने वाले दिनों में भारत में निवेश होगा। लेकिन पाकिस्तान इस बात को भी नहीं पचा रहा होगा। modi putin meet 2017

जिससे अब देश में आतंकवादी घटनाएं भी बढ़ सकती हैं। जिसके लिए भारत को तैयार रहना होगा। रुस ने वन रोड वन बेल्ट पर चीन का समर्थन किया है। जिसके बाद भारत के लिए काफी संकट का समय आ गया था। लेकिन रूस ने फिर से जिस प्रकार से संबंधों में प्रगाढ़ता आई है उससे कई तरह के विश्वास लौटा है। modi putin meet 2017

भारत रुस के दृष्टि पत्र में साफ तौर पर कहा गया है कि आतंकवाद चाहे वैचारिक, धार्मिक, राजनीतिक, नस्लीय, जातीय या किसी अन्य प्रकार क्यों न हो सभी की निंदा की गई है। प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में रुस को भारत का नैसर्गिक साझेदार बताया है जिसका समर्थन रूस ने भी किया है। निश्चिततौर पर रूस से एक बार फिर प्रगाढ़ संबंध होने से पड़ोसी में हड़कंप होगा। और वे अपनी गतिविधि तेज करेंगे। जिसके लिए भारत को सतर्क रहने की जरूरत है। modi putin meet 2017