मोक्षदा एकादशी के दिन करें ये काम तो बनेंगे सारे बिगड़े काम




वेदो, पुराणों एवं शास्त्रों के अनुसार अगहन माह में शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोक्षदा एकादशी मनाई जाती है। तदानुसार, इस वर्ष 30 नवंबर 2017 को मोक्षदा एकादशी मनाई जाएगी। पद्म पुराण के अनुसार मोक्षदा एकादशी के करने से पूर्वजो को मोक्ष की प्राप्ति होती है। भगवान श्री कृष्ण जी ने द्वापर युग में मोक्षदा एकादशी के दिन ही अर्जुन को भगवद् गीता का उपदेश दिया था। अतः इस तिथि को गीता जयंती भी कहा जाता है। mokshda ekadashi vrat kahani

मोक्षदा एकादशी की कथा

धार्मिक मान्यताओ के अनुसार,एक समय वैखानस नामक राजा हुआ करता था। जो प्रतापी था ,परन्तु उसके राज्य में अशांति और अस्थिरता बनी रहती थी। जिस कारण राजा वैखानस चिंतित रहा करता था। एक बार राजा वैखानस ने पर्वत मुनि जी से इसके निवारण का उपाय पूछा। mokshda ekadashi vrat kahani

जितिया व्रत की कथा एवं इतिहास

तब पर्वत मुनि जी ने कहा, हे राजन अपने पितरो को भवबंधन से मुक्त कीजिये। राजा वैखानस ने कहा , मुनिवर कृपा करके पितरो को भवबंधन से मुक्त करने का उपाय आप ही बताये। मुनि पर्वत जी ने कहा , पितरो की भवबंधन मुक्ति के लिए मोक्षदा एकादशी का व्रत सविधि कीजिये इस व्रत के करने से आपके पितरो को मोक्ष प्राप्त होगा। अधिक जानकारी के लिए क्लिक करें hindumythology.org



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