मुस्लिम पर्सनल लौ बोर्ड को कोर्ट की हिदायत संविधान से बड़ा कोई नहीं।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने मुस्लिम महिलाओ के हक़ में निर्णायक फैसला लिया हैं। ट्रिपल तलाक को असंवैधानिक और मुस्लिम महिलाओं के अधिकारों का हनन बताने वाले इलाहाबाद हाई कोर्ट के इस कदम का सरकार समेत विपक्षी पार्टियों ने भी स्‍वागत किया है। MPLB Constitution Court instructed.

बीजेपी ने कहा कि यह एक विकासशील कदम है और सभी को इसका स्वागत करना चाहिए। दूसरी ओर, कांग्रेस ने कहा कि ऐसा बहुत पहले ही हो जाना चाहिए था।

केंद्र सरकार ने हाई कोर्ट के इस कदम का स्‍वागत किया है। बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि धर्म के नाम पर महिलाओं से भेदभाव नहीं होना चाहिए।

उन्‍होंने कहा, ‘धर्म जो भी है, एक विश्‍वास है। लेकिन कानून और संविधान का सभी लोगों को पालन करना चाहिए। यह तथ्‍य है कि संविधान, धर्म से ऊपर है। मैं इलाहाबाद हाई कोर्ट के फैसले से खुशी महसूस कर रहा हूं।’
बीजेपी नेता मीनाक्षी लेखी ने कहा, ‘कोर्ट के द्वारा यह एक प्रगतिशील फैसला है। राजनीति पहलु से परे हो कर सभी को इसका स्‍वागत करना चाहिए।

देश में कोई शरिया कानून नहीं है कि लोगों का हाथ या सिर काट दिया जाए। इस फैसले से मुस्लिम समुदाय को लाभ होगा।’ बीजेपी नेता और पूर्व गृह सचिव आर.के. सिंह ने भी कोर्ट के इस फैसले को प्रगतिशील बताया और कहा कि सिर्फ कुछ कट्टर लोग ही इसका विरोध कर रहे हैं। MPLB Constitution Court instructed, MPLB Constitution Court instructed, MPLB Constitution Court instructed, MPLB Constitution Court instructed.