मुलायम सिंह हो सकते है देश के अगले रेल मंत्री !




“द प्रिंस” एक ऐसी पुस्तक है जिसे इटली के महान दार्शनिक और लेखक मैक्यावेली ने लिखी है। इस पुस्तक में राजनीति का जो दर्शन कराया गया है। वो वास्तविक में सही है। राजनीति की सरल भाषा में यदि परिभाषा लिखी जाये तो इसकी परिभाषा होगी ” न जाने ऊंट किस ओर करवट लेगी ” . ये जुमला राजनीति करने वाले नेताओं पर पूरी तरह सटीक बैठती है। mulayam singh will next rail minister 

सत्ता की उठा पटक में ये तब तक तय नहीं है कि कौन बनेगा विजेता ? जब तक की सत्ताधारी पार्टी का शपथ ग्रहण न हो जाये। राजनीति के लिए एक और उधारण सटीक बैठता है, कहते है क्रिकेट के मैच में जब तक अंतिम गेंद न फेंकी जाये तब तक मैच के परिणाम का अनुमान लगाना गलत होता है। ठीक उसी तरह सत्ता में कौन हीरो और जीरो बनेगा, ये शपथ ग्रहण के बाद पता चलता है। mulayam singh will next rail minister 

प्रभु की जिम्मेवारी मुलायम को मिल सकती है।

कुछ ऐसा ही विश्व के लोकतान्त्रिक देशों में होता है। वही विश्व के सबसे बड़े लोकतान्त्रिक देश भारत में “न जाने ऊंट किस ओर करवट लेगी” ये जुमला अधिक इस्तेमाल होता है। प्रिंस का चरितार्थ देश के अगले राष्ट्रपति चुनाव में देखने को मिल रहा है। हालांकि, इस चुनाव से स्पष्ट हो जायेगा की आगामी लोक सभा चुनाव में कौन बनेगा विजेता ? mulayam singh will next rail minister 

ताजा घटनाक्रम पर नजर डाले तो पता चलता है कि राष्ट्रिय जनतांत्रिक गठबंधन पार्टी के उम्मीदवार और बिहार के गवर्नर राम नाथ कोविंद को सत्ता पार्टी के अतिरिक्त विपक्षी पार्टी का भी सहयोग मिल रहा है। जिसमें जयललिता की अन्नाद्रमुक पार्टी, नितीश कुमार की जेडयू, मुलायम की सपा पार्टी प्रमुख है। प्रमुख विपक्षी पार्टियों के सहयोग से तो तय है कि देश के अगले राष्ट्रपति बिहार के वर्तमान गवर्नर और यूपी के शहजादे राम नाथ कोविंद बनेंगे। mulayam singh will next rail minister 

गौरतलब है कि नितीश कुमार, मुलायम सिंह यादव जैसे कद्द्वार नेताओं की दोहरी राजनीति से कांग्रेस हैरान और परेशान है। इस बाबत कांग्रेस ने अपने सहयोगी पार्टियों से बात भी की है किन्तु मोदी और शाह की चाल में कांग्रेस पूरी तरह से फंस चुकी है। अब कांग्रेस के पास नाममात्र उम्मीदवार खड़ा करने का अवसर है। mulayam singh will next rail minister 

हालांकि, मोदी और शाह की इस चाल से देश में सियासी लहर बदल गयी है। हाल ही में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक दावत दी थी जिसमें पीएम मोदी मुख्य अतिथि थे। इस दावत में सपा के दिग्गज नेता मुलायम सिंह यादव भी मौजूद थे। जिससे साफ़ पता चलता है कि मुलायम सिंह यादव बीजेपी के सम्पर्क में है। वही अखिलेश यादव और मायावती दूर दूर तक नजर नहीं आये। mulayam singh will next rail minister 

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सीएम योगी के शपथ ग्रहण समारोह में जिस तरह से मुलायम सिंह यादव ने पीएम मोदी से कानाफूसी की है वो विचारणीय तथ्य है। आखिर क्या वजह है जो मुलायम सिंह योगी और मोदी के साथ मंच साझा करने लगे है। कुछ राजनैतिक पंडितों की माने तो मुलायम सिंह 2019 में मोदी को समर्थन करने वाले है। लेकिन यदि समर्थन कर भी देते है तो उन्हें क्या लाभ मिलेगा ? इस बात पर राजनैतिक पंडित कहते है, रामविलास पासवान की तरह मुलायम सिंह यादव भी देश के अगले मोदी मंत्रिमंडल में मंत्री बन सकते है। हालांकि, गृह, रक्षा, वित्त आदि मामले तो अभी से सुरक्षित है। ऐसे में कही प्रभु की जिम्मेवारी मुलायम को मिल सकती है। mulayam singh will next rail minister 

( प्रवीण कुमार )