सूर्य नमस्कार और योग करेंगी मुस्लिम महिलाएं। 




विश्व भर में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। जिसका लाभ हर संप्रदाय के लोग ले रहे हैं। सूर्य नमस्कार और योग किसी धर्म से जुड़ा नहीं है। बदलते परिवेश में योग सुखमय जीवन का आधार है। जब अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की घोषणा हुई थी और पहली बार विश्व में एक दिन योग किया गया, तो दुनिया भर के लोगों ने एक साथ योग किया और खास बात यह है कि इसमें 47 इस्लामी देश के नागरिक ने किया। जिसमें मुस्लिम महिलाएं भी थीं। दरअसल योग किसी धर्म विशेष का नहीं है। muslim women will done yog 

सबका साथ सबका विकास

योग में सूर्य नमस्कार है जो योग के क्रियाओं में एक क्रिया है। जिससे अब मुस्लिम महिलाएं भी योग करने से हिचक नहीं रही हैं। स्वस्थ जीवन तो हर किसी को चाहिए, इसमें धर्म जाति संप्रदाय बीच में नहीं आता है। अगर योग करने से स्वस्थ जीवन मिलता है तो क्यों नहीं अन्य धर्मों के लोग योग करेंगे। मन को नियंत्रिण करने की क्षमता को विकसित करना ही योग की प्रमुख विशेषता है। दरअसल भारत में योग आध्यात्मिक प्रक्रिया में शामिल है जिसमें शरीर मन और आत्मा को एक साथ लाने की कार्य होता है इससे प्रतीत होता है। लेकिन यह क्रिया किसी एक धर्म से जुड़ा नहीं है। muslim women will done yog 

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देश में कई ऐसी स्वयंसेवी संस्था हैं जिनसे आज मुस्लिम महिलाएं जाकर योग सीख रही हैं। हां यह तय है कि वह योग करते वक्त अपने धर्म का भी खास ख्याल रखेंगी जिससे की कोई आहत ना हो जाए। इसमें सबसे ज्यादा जो आपत्ति है वह सूर्य नमस्कार को लेकर। सूर्य किसी धर्म को सोच कर ऊर्जा प्रदान नहीं करते हैं। सभी के लिए हैं। अब जिस तरह से देश आगे बढ़ रहा है इसमें मुस्लिम महिलाएं भी दकियानूसी बातों को छोड़कर आगे आई हैं यह प्रगतिशील भारत का प्रतीक है। जिसमें सबका योगदान होगा तय है कि सबका साथ सबका विकास की और बढ़ते एक और कदम है। muslim women will done yog