नए MRP का स्टिकर नहीं लगाया तो जाना पड़ सकता है जेल





सरकार 01 जुलाई से जीएसटी लागू कर दिया है उसके बाद वह मैन्युफैक्चर्स को भी चेतावनी दे दी है इस नए कानून का पालन होना चाहिए। अगर नियम का पालन नहीं होता है तो इसके लिए दंड की भी व्यवस्था की गई है।उपभोक्ता मामले के मंत्री रामविलास पासवान ने मैन्युफैक्चरर्स को चेतावनी दे डाली है कि अगर बचे हुए पुराने माल पर जीएसटी लागू होने के बाद नई एमआरपी का स्टिकर नहीं लगाया तो जेल की सजा समेत एक लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है। पुराने स्टॉक पर संशोधित एमआरपी लिखने के संबंध में मंत्रालय ने नए नियम जारी किए हैं। new mrp must imortant

मंत्रालय ने कहा कि 01 जुलाई से पहले किए गए माल पर संशोधित एमआरपी लिखनी होगी। गौरतलब है कि सराकर ने पुराने स्टॉक को क्लियर करने के लिए कंपनियों को 30 सितंबर तक का वक्त दिया है। सरकार ने कंपनियों से कहा गया है कि वे बचे हुए माल पर पुरानी कीमत के बराबर में ही संशोधित एमआरपी के स्टिकर लगाएं। new mrp must imortant

 

new mrp must imortant जीएसटी के बाद कीमतों में आए बदलावों

ताकि ग्राहक को जीएसटी के बाद कीमतों में आए बदलावों को जान जाएंगें। सरकार के प्रावधान न मानने पर दंड के भागी भी बनेंगे। जिसके लिए पहली बार 25,000 रुपए, दूसरी बार 50,000 रुपए और तीसरी बार एक लाख रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके अलावा एक साल तक जेल भी हो सकती है। गौरतलब है कि दुकानदार और छोटे उद्योग कारोबारी जीएसटी लागू हो जाने के बाद असहज महसूस कर रहे थे जिसके बाद मंत्रालय लगातार जीएसटी की कमियों को दूर करने में लगी है ताकि कोई अड़चने न आए और उपभोक्ताओं को भी नुकसान न हो।

क्या दो हज़ार के नोट हो सकते है बंद?





उपभोक्ता मंत्रालय शिकायतों को हल करने के लिए एक समिति बनाई है। जिसके तहत हेल्पलाइन की संख्या 60 कर दिया गया है जो पहले 14 हेल्पलाइन थी। रामविलास पासवान ने कहा है कि जीएसटी लागू करने को लेकर शुरुआती अड़चनें आ रही हैं लेकिन सबका जल्द उनका समाधान हो जाएगा। विशेषज्ञों से इसके लिए सहायता ली जा रही है। सरकार मैन्युफेक्चरर्स पर इसलिए कड़े रुख अपना रखी है ताकि ग्राहकों को जीएसटी का लाभ मिल सके। जिस वस्तु के दाम कम हुए हैं उसका लाभ उन्हें मिले।

loading…


जानिए डेंगू से बचने के घरेलु नुस्खा