कौन कौन है उप-राष्ट्रपति की दौड़ में?

 





राष्ट्रपति चुनाव में अपना अलग राह पकड़ चुके नीतीश कुमार उपराष्ट्रपति चुनाव में भी यही रुख रख सकते हैं। नीतीश कुमार अब विपक्ष द्वारा बुलाए गए कोई भी मीटिंग से दूरी बना रहे हैं।बिहार के मुख्यमंत्री व जदयू अध्यक्ष नीतीश कुमार ने विपक्षी एकता को एक बार फिर से झटका देने वाले हैं। दरअसल उपराष्ट्रपति चुनाव मद्देनजर विपक्ष अपने उम्मीदवार तय करने के लिए मीटिंग बुलाई है इसमें भी नीतीश कुमार नहीं जाने का फैसला किया है। नीतीश कुमार राष्ट्रपति उम्मीवार को लेकर चर्चा करने के लिए आयोजित मीटिंग से भी दूरी बना लिया था। गौरतलब है कि जदयू प्रवक्ता के सी त्यागी ने कहा था कि उपराष्ट्रपति चुनाव में पार्टी यूपीए के उम्मीदवार का साथ दे सकती है। लेकिन जदयू अध्यक्ष ने एक बार फिर किनारा कर लिया। next vice president election 2017


नीतीश कुमार चार दिनों से अपने गृह नगर के पर्यटन स्थल राजगीर जो पहले राजगृह के नाम से जाना जाता है में स्वास्थ्य लाभ ले रहे थे। नीतीश कुमार जब भी कोई समस्या से घिरते हैं तो राजगीर से ही उसका समस्या का समाधान लाते रहे हैं। जब सबसे पहले समता पार्टी उन्होंने बनाई थी तो पहला कार्यालय और कार्यकर्ता सम्मेलन राजगीर में ही किया था। नीतीश कुमार की राजनीति शक्ति नालंदा ही है इसलिए वे अपनी शक्ति को एकजुट करने जरूरत जाते हैं।next vice president election 2017

राष्ट्रपति चुनाव:कांग्रेस की कोशिश हुई फेल,नहीं मिले नितीश कुमार

 

राजधानी दिल्ली में राजनीतिक घटनाचक्र तेजी से बदल रहे हों यानी जहां सीबीआई के छापे पड़ रहे हो और विपक्ष के राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार मीरा कुमार पटना में हो ऐसे समय में नीतीश कुमार राजगीर चले गए और इनसे मुलाकात के लिए समय नहीं निकाला। दूसरी ओर जब उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर आरोप लग रहे हो और भाजपा आक्रामक रुख अपनाए हो इस समय राजद को सहानुभूति की जरूरत हो ऐसे में नीतीश कुमार चुप्पी साधे हुए हैं जिससे यह बार बार संदेश जा रहा है कि महागठबंधन के अब गिन चुने दिन ही हैं। राष्ट्रपति उम्मीदवारी में नीतीश कुमार ने कहा था कि विपक्ष ने अपने उम्मीदवार तय करने में देर कर दिए जब तक उन्होंने फैसला ले लिया था। लेकिन उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के लिए मंगलवार को बैठक है। ऐसे में नीतीश कुमार ने अपनी पार्टी के विधायकों से बैठक कर रहे हैं और विपक्ष की बैठक से दूरी एक बार फिर बना लिया है। इससे साफ हो गया है कि अब नीतीश कुमार कभी भी राजग के साथ जा सकते हैं। फिलहाल नीतीश कुमार ने विपक्षी एकता को झटका तो दे ही दिया है। next vice president election 2017

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