कांग्रेस ने गाया नितीश राग,थाम सकती है जेडीयू का हाथ




राष्ट्रपति चुनाव में हार को देखते हुए अब फिर से नीतीश कुमार की तरफदारी करने में लगी है। उसे अहसास हो गया है कि नीतीश कुमार को नाराज कर कांग्रेस को ही नुकसान होगा।कांग्रेस ने जदयू के प्रति अपना सुर बदल लिया है और यह कह रहे हैं कि उनकी पार्टी से राष्ट्रपति उम्मीदवार तय करने में देरी हुई कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व राज्यसभा विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा है कि नीतीश कुमार का कहना सही है, हमसे गलती हुई है। लेकिन अब उपराष्ट्रपति उम्मीदवार पर समय रहते फैसला ले लिया जाएगा। हमें उम्मीद है कि नीतीश कुमार हमारे साथ जरूरत होंगे। हमारे बीच किसी तरह का मतभेद नहीं है। सबकी सहमति से उम्मीदवार तय किए जाएंगें। गौरतलब है कि गुलाब नबी आजाद पटना में नीतीश कुमार पर हमले किए थे और कहा था कि नीतीश कुमार कोई विचारधारा नहीं कई विचारधारा वाले हैं. जिसको लेकर नीतीश कुमार ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा था कि हम किसी के पिछलग्गू नहीं है। हम सहयोगी हैं और सहयोग की तरह ही रहेंगे। nitish ko mila congress ka samarthan



 

माना यह जा रहा है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने नीतीश कुमार पर इस तरह के बयान देने से अपने पार्टी के नेताओं से मना किया है जिसके बाद कांग्रेस ने अपना सुर बदला और विपक्षी एकता में फिर से जुट गए। खास बात यह है कि कांग्रेस के सुर बदलने से जदयू ने भी अपने तेवर ढीले कर दिए हैं और उपराष्ट्रपति पद के चुनाव में विपक्ष का साथ देने को राजी हो रहे हैं। विदित हो कि जदयू अध्यक्ष व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राष्ट्रपति पद के लिए गैर राजनीति दल के उम्मीदवार तय करने को कहा था लेकिन कांग्रेस ने उम्मीदवार तय करने में देरी की। जिसे जदयू भांफ गया और नीतीश कुमार ने एनडीए के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का नाम तय होते ही उन्हें समर्थन देने का वादा कर दिया। nitish ko mila congress ka samarthan

 

कांग्रेस समर्थित 17 दलों ने मीरा कुमार का नाम तय किया लेकिन जदयू अपने तय समर्थन को नहीं बदला और साफ कह दिया कि राजनीतिक में रातों रात निर्णय नहीं बदले जाते जिसके बाद से ही दोनों दलों के बीच खटास आ रही थी। लेकिन अब एक बार फिर सुलह के रास्ते पर हैं।

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