मोदी को अब केवल पाक से नहीं बल्कि तीन देशों ( चीन, पाक और अमेरिका ) से है डर : चीनी मीडिया




चीनी मीडिया का मानना है कि भारत चीन की नकल कर उसी तर्ज पर कई कोरिडोर की विकसित करने में लगा है। वन बेल्ट वन रोड में भारत के शामिल न होने से दोनों देशों के बीच संबंधों पर असर पड़ेगा। चीनी मीडिया का कहना है कि भारत वन बेल्ट वन रोड के तर्ज पर एशिया-अफ्रीका ग्रोथ कॉरिडोर की वकालत कर रहा है। यह प्रतीत हो रहा है कि फ्रीडम कॉरिडोर आइडिया का भी नकल है। जो जापान यात्रा के दौरान मोदी ने वहां देखा था। one belt one road project 

भारत के लिए दरवाजे बंद नहीं हुए हैं।

चीनी मीडिया का दावा है कि एशिया अफ्रीका कनेक्टिविटी वन बेल्ट वन रोड के समानांतर ही है। मीडिया का कहना है कि न्यू सिल्क रोड और इंडो पैसिफिक इकोनॉमिक कॉरिडोर को फिर से शुरू करने की अमरीकी योजना को भारतीय मीडिया ने ज्यादा तूल दिया है। निश्चिततौर पर यह है कि वन बेल्ट वन रोड के समानांतर खड़ा किया गया। इसके लिए मोदी सरकार बेहद बड़ी भूमिका में हैं। one belt one road project

अखबार ने लिखा है कि भारत के आने से भी वन वेल्ट वन रोड पर ज्यादा असर नहीं होता। ग्लोबल टाइम्स के अनुसार न तो फ्रीडम कॉरिडोर और न ही एशिया अफ्रीका ग्रोथ कॉरिडोर का वन बेल्ट वन रोड से कोई टकराव है। जिस प्रकार से भारत वन बेल्ट वन रोड सम्मेलन नहीं आया जबकि इससे फ्रीम कॉरिडोर और न ही एशिया अफ्रीका ग्रोथ कॉरिडोर से कोई टकराव है। one belt one road project 

भारत और चीन के बीच कई प्रोजेक्ट अब भी अटके पड़े हैं।

पिछले तीन सालों में इस परियोजना को दक्षिण एशिया, हिंद महासागर और अफ्रीकी प्रायद्वीप के बीच आर्थिक तरक्की को प्रोत्साहित करने का काम किया गया है। भारत और जापान चीन से आगे निकलना चाहते हैं जिसके लिए कई कॉरिडोर और सह अस्तित्व की बात कही जाती है और इस तरह के कॉरिडोर का विकास किया जा रहा है। चीन को भी इस तरह के सहयोग से सीखने की जरूरत है। one belt one road project 

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बांग्लादेश चीन म्यांमार इकोनॉमिक कॉरिडोर का भी भारत प्रस्तावक रहा है। हालांकि इसमें कोई खास प्रगति नहीं हो पाई है। भारत और चीन के बीच कई प्रोजेक्ट अब भी अटके पड़े हैं। जिसमें प्रगति की कोशिश की जानी चाहिए। अखबार ने लिखा है कि वन वेल्ट वन रोड में अब भी भारत के लिए दरवाजे बंद नहीं हुए हैं। इसे विचारधारा की कसौटी पर नहीं देखा जाना चाहिए। इसमें आर्थिक प्रगति की तौर पर देखा जाने की जरूरत है। one belt one road project