अंतरिक्ष योजना पर भड़का पाक कहा पाकिस्तान भीख मांगने वाला देश नहीं है




भारत द्वारा छोड़े गए दक्षिण एशिया उपग्रह में पाकिस्तान अपने आपको अलग कर लिया और कहा है इसे क्षेत्रीय परियोजना नहीं कहा जा सकता। आर्थिक और विकास संबंधित प्राथमिकताओं को पूरा करने के लिए दक्षिण एशिया में उपग्रह को एक भारतीय रॉकेट के जरिए अंतरिक्ष में छोड़ा गया। जिसको लेकर पाकिस्तान ने अपने आपको अलग करते हुए कहा कि भारत द्वारा छोड़े गए दक्षिण एशिया उपग्रह में वह शामिल नहीं है। pakistan slams india isro 

सार्क देशों को लाभ मिलेगा

यह भारत द्वारा निर्मित है। इसे क्षेत्रीय परियोजना नहीं कहा जा सकता। पाकिस्तान ने कहा है कि उसके पास अपना खुद एक अंतरिक्ष कार्यक्रम है और वह अपने प्रौद्योगिकी को साझा करने को तैयार था। लेकिन भारत ने अकेले परियोजना विकसित करने की प्रतिबद्धता जताई। पाकिस्तान के विदेश विभाग के प्रवक्ता ने कहा कि भारत दक्षेस के सदस्य देशों को दक्षेस उपग्रह नामक उपहार की पेशकश की थी लेकिन इस परियोजना को सहभागिता के आधार पर विकसित नहीं करना चाहता था जिससे वह अलग हो गया। pakistan slams india isro 
गौरतलब है कि भारत ने साउथ एशिया सेटेलाइट जी सेट-9 का श्रीहरिकोटा से सफल प्रक्षेपण किया। पाकिस्तान को छोड़कर बाकी सार्क के छह देश भारत,अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, मालदीव, नेपाल और श्रीलंका इसमें शामिल थे जिन्हें जी सेट-9 से फायदा होगा। भारत ने इसे तीन वर्ष में विकसित किए जिसे बनाने में 235 करोड़ रुपए खर्च हुए। pakistan slams india isro 

सार्क देश को संचार की सुविधाएं मिलेगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो द्वारा छोड़े गए इस प्रेक्षपण के लिए वैज्ञानिकों को बधाई दी और कहा कि यह सार्क देशों के लिए मिल का पत्थर साबित होगा। यह अब तक का सबसे भारी रॉकेट था, जिससे सार्क देश को संचार की सुविधाएं मिलेगी। सभी सार्क देशों को प्राकृतिक आपदा और आपातकालीन स्थिति में इस संचारतंत्र से सभी देशों को हॉटलाइन से जुड़ने की सुविधा भी उपलब्ध होगी। pakistan slams india isro 

पीएम मोदी के इस योजना से आतंकियों की अब खैर नहीं

इस परियोजना से जहां सार्क देशों को लाभ मिलेगा वहीं आपस में सहभागिता की भावना का भी विकास होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार सार्क देशों को सहभागिता के साथ आगे बढ़ने के लिए कई कदम उठाए हैं। जिसका लाभ सार्क देशों को मिलता रहा है। pakistan slams india isro