सुशिल पर भड़के लालू कहा पीएम मोदी तुम्हारा मौसा है




बिहार भाजपा प्रदेश के वरिष्ठ नेता सुशिल मोदी के उस ट्वीट से आग बबूले हो गये है। जिसमें श्री सुशिल मोदी ने राजद सुप्रीमो श्री लालू यादव पर आरोप लगाया था कि वो उनके रिश्तेदारों पर दबाब बना रहे है कि मैं उन्हें ( लालू यादव ) के काले कारनामे को उजागर न करूँ। सुशिल मोदी के इस ट्वीट पर राजद सुप्रीमो गुस्से से तमतमा उठे और ट्वीट कर मोदी से पूछा, आरके मोदी तुम्हारा मौसा है या फूफा? रिश्तेदारी की चादर लंबी होती है मां-जाये सगे भाई को रिश्तेदार मत बताओ। pm modi tumhara mausa hai 

सुशिल मोदी के चक्रव्युह से लालू यादव कैसे निकलते है

बता दें कि सुशिल मोदी पिछले कुछ दिनों से लालू यादव के काले कारनामे को एक-एक कर उजागर कर रहे है। जिसमें बिहार में मिटटी घोटाला प्रमुख है। जिसके बाद प्रदेश में राजनैतिक हलचल तेज़ हो गयी है। हालांकि, इस मामले में बिहार के सीएम और जदयू के अध्यक्ष नितीश कुमार ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। pm modi tumhara mausa hai 

वही सुशिल मोदी लगातार राजद सुप्रीमो पर हमला कर रहे है। इससे पहले भी उत्तर प्रदेश में बीजेपी की जीत और योगी के सीएम बनने पर दोनों के बीच काफी नोकझोक हुई थी। जिस लड़ाई में लालू के बेटे तेजस्वी यादव भी शामिल हो गए थे। ताज़ा मामला लालू यादव के अवैध सम्पत्ति को लेकर है। जिसका खुलासा सुशिल मोदी ने की है। pm modi tumhara mausa hai 

MCD चुनाव से राजनैतिक सीख

उन्होंने पिछले सप्ताह एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि देश की राजधानी दिल्ली के फ्रेंड्स कॉलोनी में लालू यादव के नाम का तक़रीबन ६० करोड़ का बंगला है। जो 2008 में मुंबई की पांच कंपनी ने मिलकर 5 करोड़ में खरीदी थी और इसी जगह पर शोरूम खोला गया। जिसका निदेशक लालू यादव की सुपुत्री चंदा यादव थी। इस कंपनी के 98 फीसदी शेयर लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव और २ फीसदी शेयर चंदा यादव के नाम है। कंपनी ने बिना किसी कर्ज या लोन इतनी बड़ी रकम लालू को क्यों दी ? pm modi tumhara mausa hai 

सुशिल मोदी के इस आरोप के बाद लालू यादव खुद को घिरा हुआ महसूस कर रहे है। ऐसे में उनके पास गुस्सा करने के सिवाय और कोई कोई चारा नहीं है क्योंकि चारा चोर पहले से कई मामलों में आरोपित है। जिसका आरोप अदालत में लंबित है। अब देखना ये है कि सुशिल मोदी के इस चक्रव्युह से लालू यादव कैसे निकलते है।  pm modi tumhara mausa hai 
( प्रवीण कुमार )