मोदी और योगी कुछ भी कर लें मैं राजनीति से सन्यास नहीं लूंगा : राहुल गाँधी




राहुल गाँधी जिसे देश-दुनिया बाबा के नाम से भी जानते है। वो वाकई में अब बाबा बनने जा रहे है। रुकिए, कही आपने ये तो नहीं सोच लिया कि विवाह नहीं होने के कारण उन्हें हम बाबा बनाने जा रहे है। जी नहीं, यदि आप ऐसा सोचते है तो बिलकुल गलत सोचते है। कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गाँधी न ही सन्यास लेकर हिमालय पर धूनी रमाने जा रहे है और न ही वो राजनीति से लेकर कांग्रेस के बाबा बनने जा रहे है। rahul gandhi slams media 

आपको हम बताना चाहेंगे कि राहुल गाँधी अपनी छोटी सी राजनीति जीवन में एक ऐसा कारनामा कर गए है। जो भारत की राजनीति इतिहास में कोई सुरमा और दिग्गज नेता कर पाए है। फिर चाहे आधुनिक भारत के सबसे लोकप्रिय नेता पीएम मोदी हो, पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी हो, या फिर कांग्रेस के जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गाँधी या राजीव गाँधी हो। rahul gandhi slams media 

राहुल गाँधी के इस उपलब्धि पर विचार करें

एक वाक्य में कहूं तो जो राहुल गाँधी के बाप-दादा नहीं कर पाए। वो रिकॉर्ड राहुल गाँधी ने कायम किया है। कल इस बात की खबर पाते ही देश के सभी लोगों ने राहुल गाँधी को दिल से शुभकामना दी है। कई लोगों ने बाबा पर व्यंग्य भी कसा है। जो भारतीय लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की आजादी है। जिस पर हम न कोई आलोचना, और न ही प्रसंसा करना चाहता हूँ लेकिन ये जरूर कहना चाहता हूँ कि बाबा इसके हकदार है। उन्हें ये सम्मान मिलना चाहिए। rahul gandhi slams media 

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वैसे राहुल गाँधी ने जो रिकॉर्ड स्थापित किया है। उस पर प्रकाश डालते है। ये एक ऐसा रेकॉर्ड स्थापित हुआ है जो कोई राजनेता अब तक नहीं कर पाया है और न ही करने की जरुरत कर पाएगा।  जी हां, राहुल गाँधी का नाम गिनीज बुक में 27 बार चुनाव में हारने के लिए दर्ज होने की सम्भावना है। शायद, ही कोई राजनेता अपनी राजनीति जीवन में इतने चुनाव हारने की जहमत करेंगे। सूत्रों से पता चला है कि राहुल गाँधी का गुनीज बुक में नाम दर्ज कराने की पहल चल रही है। ये उपाधि उनको 27 बार लगातार चुनाव हारने के लिए मिला है।

वही यदि राहुल गाँधी के इस उपलब्धि पर विचार करें तो निष्कर्ष यह निकलता है। चाहे राहुल गाँधी कितनी बार भी चुनाव हार जाए वो चुनाव लड़ते रहेंगे। हां, उनके चुनाव लड़ने से बीजेपी को फायदा जरूर होगा। जैसा कि 2014 से होता आ रहा है। राहुल गाँधी भी मन ही मन ये सोच रहे होंगे कि भले ही वो चुनाव हारे है लेकिन मोदी और योगी के खिलाफ रहने से वो भी ट्रेंडिंग में बने रहेंगे।  rahul gandhi slams media 

( प्रवीण कुमार )