देश भले ही बदल जाए, बाबा यानि की मैं नहीं बदलूंगा : राहुल गाँधी




राजनीति में कुछ भी निश्चित नहीं होता है। सब कुछ समय के अनुसार करने की जरूरत होती है जो अपने आप को यहां अद्यतन रखता है वह राजनीति में सफल होता है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी को लगातार हार का सामना करना पड़ रहा है। वे अपनी रणनीति बनाने में विफल हो रहे हैं। उनके आसपास जो भी राजनेता हैं उन्हें सही सलाह देने में असमर्थ हो रहे हैं। कांग्रेस के पास ऐसे अभी कई मौके आए जहां सही रणनीति के अभाव में सरकार नहीं बना पाए। rahul gandhi will not change 

राहुल गांधी को भी बदलने की आवश्यकता है

अब तो देश भर में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में उत्साह की भारी कमी नजर आ रही है। जिस प्रकार से देश की राजनीति में बदलाव आया है अब तय है कि पार्टियों को भी रणनीति बदलनी पड़ेगी। जिसमें छोटी पार्टियों का अस्तित्व तो खतरे में हैं ही कांग्रेस भी लगभग समाप्त सी लग रही है। rahul gandhi will not change 

राहुल गांधी को पार्टी के कार्यकर्ताओं से जुड़ाव करने की आवश्यकता है जिसकी भारी कमी नजर आ रही है। 2004 के लोकसभा चुनाव के पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अपने आप को बदला था और जिस प्रकार से रोड शो करके कार्यकर्ताओं में उत्साह भरा और जहां कांग्रेस की सत्ता में आते कहीं नजर नहीं आ रहे थी, वहीं दस साल तक सत्ता में रहे। rahul gandhi will not change 

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राहुल गांधी को भी ऐसी रणनीति बनानी पड़ेगी। अपने भाषणों में बदलाव लाना पड़ेगा। आम जनता से जुड़े मुद्दे उठाने होगे। आज राजनीति पार्टियों की रणनीति में बदलाव आया है जिसपर खास गौर करने की जरूरत है। कोई भी बचकाना बयान देने से बचने की जरूरत है। rahul gandhi will not change 

राहुल गांधी के आसपास के नेता भी ऐसे बयान देते हैं जिससे पार्टी को नुकसान पहुंच रहा है। जिसपर खास तौर पर बदलाव लाने की आवश्यकता है। निश्चिततौर पर अब देश बदल रहा है और तेजी से युवा भी समझ रहे हैं तो राहुल गांधी को भी बदलने की आवश्यकता है लेकिन कहीं भी उनकी रणनीति में बदलाव नजर नहीं आता दिख रहा है। rahul gandhi will not change