पढ़िए महिला दिवस पर लाल बिहारी लाल जी की कविता




नारी नाड़ी की तरह करती है हर काम read womens day special poem

नारी के सम्मान का विचार होना चाहिये read womens day special poem

पुरुष प्रधान सदियों से है समाज यह

नारी आगे लाने पर विचार होना चाहिये read womens day special poem

रुढ़ीवाद छोडो अब जोड़ो नाता नारी से

नर नारी सबका उद्धार होना चाहिये read women’s day special poem

ठान ले अगर कुछ करने का जग में तो

लाख-लाख बधाये सिरोधार होना चाहिये read womens day special poem

बढ़ रही नारी अब धीरा-धीरे जग में तो

इसका भी खूब अब प्रचार होना चाहिये

सदियों से नारी कभी रही नही पिछे

अब रुढ़ीवादी को उदार होना चाहिये

कल्पना आकाश चुमे मानुषी भी जग चुमें read womens day special poem

अब इन सब पर विचार होना चाहिये

अब इन सबका दरकार होना चाहिये 

मीरा वाई,महादेवी झासी की रानी थी कभी

लाल बिहारी की बातों पर विचार होना चाहिये 

नारी नाड़ी की तरह करती है काम धाम 

नारी के सम्मान का विचार होना चाहिये 

फेस पर झाईयां काले धब्बे का रामबाण इलाज

अन्त.महिला दिवस पर कवियों के उदगार

1
युग युग से ‘मैं’ कर रही ,

नित्य देह का दान काश कभी मन-भाव को,

भी मिलती पहचान .डॉ. पूनम माटिया
2.
निर्मल जल की ही तरह,रखती सबका ख्याल।
पर अपने ही कर रहे,उसका भोग विलास।। 
मनोज कामदेव
3.
नारी को मिलते नहीं, जहाँ सभी अधिकार !
अपने सपनो को करे ,कैसे वो साकार !!
संजय कुमार गिरि
4.
नारी मन से शांत है,देखो गर तुम रूप 
आन पर जो उतर गयी,देखो फिर स्वरूप 
ममता पाण्डेय
5.
नारी देवी रूप में , करे जगत कल्याण,
माँ बहना परिवार में ,हैं जीवंत प्रमाण.(५)
बिहारी दुबे
6.
हर घर मन्दिर सा लगे,ऐसा बने विधान
नारी का सम्मान ही , देवों का सम्मान
लव कुमार ‘प्रणय’
7.
नारी नारी का यहाँ, करती है अपमान।
फिर कैसे होगा भला,नारी का सम्मान।।
विजय मिश्र दानिश
8.
नारी नाड़ी की तरह. करती है हर काम।
नारी का सम्मान जहाँ ,वहाँ मिले आराम।।
लाल बिहारी लाल
9.
नारी के उर में छिपी ,संवेदना विशाल
पिये हलाहल विष मगर,दिखे सदा खुशहाल।।
प्रमिला पांडेय 
10.
नारी सबल बनाइये ,यह है गुण की खान !
नारी के बढ़ते कदम ,बने विश्व की शान !!
जगदीश मीणा

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