रियो ओलिंपिक में भारत का संघर्ष जारी





31 वें रियो ओलिंपिक के पांचवे दिन रियो डे जनेरो में भारतीय खिलाडियों ने पदक जीतने के लिए कड़ा संघर्ष किया । भारत अब तक एक पदक भी हासिल करने में कामयाब नहीं हो पाया है। 118 सदस्यीय भारत की टीम ने अब तक जितने भी स्पर्धा में पार्टिसिपेट किया है वंहा भारतीय खिलाड़ी ने संघर्ष तो किया है किन्तु बदकिस्मती से एक भी पदक हासिल नहीं कर पाया है। rio olympic

एक और जंहा महिला हॉकी टीम अपने तीसरे मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के हाथो 6-1 से पराजित हो गई। वही निशानेबाजी में भी भारतीय खिलाड़ियों ने प्रशंसकों को निराश किया है। एक उम्मीद की किरण मुक्केबाजी में मनोज कुमार ने दिखाया। जंहा मनोज कुमार ने प्री क्वार्टर फाइनल में जगह बना लिया है। rio olympic

टेनिस में भारतीय टीम का प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा है, बोपन्ना और पेस की जोड़ी पहले ही राउंड में बाहर हो गई। ये तो होना ही था क्योंकि जिस तरह का विवाद इन दोनों ने रियो ओलिंपिक में पार्टिसिपेट के पहले उतपन्न किया था, उसी समय ये जाहिर हो गया था कि ये दोनों एक दूसरे के साथ खेलने को राजी नहीं है। परिणाम पहले राउंड में देखने को मिल गया। rio olympic

गोल्ड मेडलिस्ट अभिनव बिंद्रा चौथे पायदान पर रहे

महिला वर्ग में विश्व की नंबर एक डबल्स वर्ग की खिलाड़ी सानिया मिर्जा और उनकी जोड़ी दार ममता भी कुछ खास नहीं कर पाई और पहले ही दौर में बाहर हो गई। अब भारतीय प्रशंसक की निगाहें मिक्स डबल्स में सानिया मिर्जा और रोहन बोपन्ना पर टिकी है जो अपने पहले राउंड की शुरुवात कल करेंगे। rio olympic

भारतीय क्रिकेट टीम की  जंग न्यूज़ीलैंड, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के संग

रियो ओलिंपिक के पांचवें दिन वर्षा के कारण सानिया और बोपन्ना के मिक्स डबल्स मैच को एक दिन के लिए टाल दिया गया है। हालांकि, भारतीय खिलाडियों ने उम्दा प्रदर्शन करने की कोशिश की है लेकिन ओलिंपिक में जो भी प्रतिभागी हिस्सा लेता है वो पदक जीतेने की पूरी कोशिश करते है। ऐसे में हार और जीत का अंतर बस मामूली सा होता है। rio olympic

दीपा रियो ओलिंपिक में पदक पाने से बस एक कदम दूर है

यदि भारतीय टीम के पॉजिटिव पहलू की बात की जाए तो निशानेबाजी में भारतीय टीम से बहुत उम्मीदें थी जो टूट चुकी है। गोल्ड मेडलिस्ट अभिनव बिंद्रा 10 मीटर एयर रायफल शूटिंग रेंज में थोड़े अंतर से चूक गए। अपना अंतिम ओलंपिक्स खेल रहे बीजिंग ओलिंपिक के गोल्ड मेडलिस्ट अभिनव बिंद्रा चौथे पायदान पर रहे। मानवजीत संधू, गंगान नारंग ने भी निशानेबाजी में निराश किया। rio olympic

अब सबकी निगाहें भातरीय पुरुष हॉकी टीम, मिश्रित युगल टेनिस टीम, जिम्नास्टिक दीपा कमराकर और मुक्केबाजी पर टिकी है। जंहा भारत के पदक जीतने की प्रबल संभावना है। दीपा कमराकर जिम्नास्टिक स्पर्धा के फाइनल में पहुँच चुकी है, अब दीपा रियो ओलिंपिक में पदक पाने से बस एक कदम दूर है। rio olympic

वही भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने 36 वर्ष बाद अर्जेंटीना को हराकर पदक जीतने की होड़ में शामिल हो गया है। भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने रियो ओलिंपिक में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है पहले मैच में भारतीय टीम ने आयरलैंड को 1 के मुकाबले 2 गोल से हराया, दूसरे मैच के अंतिम क्षणों में गोल खाने से भारतीय टीम जर्मनी से हार गई। भारत ने दूसरे मैच में जबरदस्त प्रदर्शन कर गोल मैडलिस्ट जर्मनी टीम को हैरान कर दिया। rio olympic

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तीसरे मैच में भारत ने 36 वर्ष बाद अर्जेंटाइन को २-1 से हराया। अब भारत मैडल तालिका की होड़ में आने के लिए बस एक जीत दूर है। वही मुक्केबाजी में भारतीय प्रशंसकों को मनोज कुमार, नरसिंह यादव तथा अन्य मुक्केबाजों से बड़ी उम्मीद है। rio olympic

यदि पदक तालिका की बात की जाएं तो अमेरिका 11 स्वर्ण, 11 रजत, 10 कांस्य लेकर शीर्ष पर बना हुआ है , वही चीन 10 स्वर्ण, 8 रजत, 5 कांस्य लेकर दूसरे स्थान पर है। जबकि जापान 6 स्वर्ण, 1 रजत और 11 कांस्य पदक जीतकर तीसरे स्थान पर है। ऑस्ट्रेलिया चौथे नंबर पर और हंगरी पांचवें नंबर पर है। भारत को खाता खोलना बाकी है। ये खबर रियो ओलिंपिक के पांचवे दिन तक का है ताजा जानकारी के लिए mobilenews24.com के साथ बने रहे।  rio olympic
( प्रवीण कुमार )