कैसे काम करता है सर्च इंजन?

 




जब भी कोई क्यूरी होती है आप सीधी सर्ज इंजन पर जाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर कैसे सर्च इंजन कार्य करता है। दरअसल वेब सर्ज इंजन एक सॉफ्टवेयर है, जो वर्ल्ड वाइड वेब पर किसी भी कीवर्ड की खोज करता है। यहां खास बात यह है कि जिन वेब पेजेस में वे कीवर्ड होते हैं उनका रिजल्ट देता है। लेकिन ऐसा नहीं है कि वे एक तरह से सर्च करते हैं। हर सर्च इंजन का सर्च करने का अलग-अलग तरीका है। हर एक का रिजल्ट देने के लिए अलग तरह का गणितीय सूत्र होता है।
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सर्च इंजन मुख्यतः तीन बुनियादी टास्क पर कार्य करते हैं। पहला वेब पेज के कंटेंट की खोज करते हैं, जिसे क्रॉलिंग कहा जाता है। वे इस डॉक्यूमेंट्स को जांच कर पढ़ते हैं और इनके वर्ड के आधार पर इंडेक्स बनाते हैं। जिस प्रकार से तेजी से कई पेज एक बार खुलते हैं इसका कारण है कि वे युजर क्वेरी के आधार पर संबंद्धित पेजेस की एक लिस्ट बनाते हैं। उसके बाद सर्च इंजन वेबपेज पर वीडियो, कीवर्ड टेक्स्ट और लिंकिंग आदी सभी को एक बार स्कैन करता है। जिससे कोई सर्च तेजी से खुल कर सामने आ जाते हैं. लाखों वेबपेजेस पर सूचना को खोजने के लिए सर्च इंजन स्पेशल सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते हैं, जिन्हें रोबोट स्पाइडर कहा जाता है। यही क्रॉलिंग है जबतक स्पाइडर लिस्ट बनाता है तब तक प्रोसेस होता है। क्रॉल से डाटा को इकट्ठा करते हैं और इसे अपने डाटाबेस में डाल देते हैं और इस प्रोसेस को इंडेक्सिंग कहा जाता है। यहां खास बात यह है कि यहीं वह इंडेक्सिंग है जो जितनी जल्दी हो सके जानकारी उपलब्ध कराता है। इसी समय जब सर्च इंजन मे कोई कीवर्ड इंटर होता है तो सर्च इंजन अरबों वेबपेजेस को सर्च करता है। और महत्व के आधार पर वेबपेजेस के परिणाम को सामने लाता है। यहां जानना जरूरी है कि महत्व के आधार पर विभिन्न रैकिंग एल्गोरिदम का उपयोग करके ही निर्धारित किया जाता है और फिर सर्च रिजल्ट की लिस्ट के टॉप पर सबसे अधिक उपयोगी पेजेस को लाने की कोशिश ही नहीं करता है बल्कि उसे सामने लाता है। सबसे लोकप्रिय सर्च इंजन में गूगल, याहू और बिंग हैं। जिसपर प्रतिदिन करोड़ों, अरबों में सर्च होते हैं और सूचना सामने आते हैं। search engine work

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