नितीश के राष्ट्रिय अध्यक्ष ने कहा बेटी बिक जाये तो कोई बात नहीं, वोट नहीं बिकना चाहिए




नितीश कुमार पार्टी के राष्ट्रिय अध्यक्ष और राज्य सभा सांसद शरद यादव ने महिलाओं पर एक आपत्तिजनक बयान को लेकर विवादों में फिर गए है। बात 24 जनवरी की है जब शरद यादव ने एक सभा में कहा कि वोट की इज्जत बेटी की इज्जत से बड़ी होती है। शरद यादव की माने तो बेटी बिक जाये तो कोई बात नहीं, वोट नहीं बिकना चाहिए। हालांकि, शरद यादव ने बयान पर सफाई देते हुए कहा कि उनके कहने का तात्पर्य यह था कि जितना हम बेटी से प्यार करते है, उतना ही वोट से करना चाहिए। sharad yadav women harassment news

आपको बता दें कि शरद यादव ने 24 जनवरी को बिहार की राजधानी पटना की एक सभा में यह विवादित बयान दिया था। जिसका विडियो अब वायरल हो रहा है। इस सभा में श्री यादव यह बता रहे है कि बैलेट पेपर कैसे काम करता है। अतः वोट की इज्जत बेटी की इज्जत से ज्यादा बड़ी होती है। sharad yadav women harassment news

वायरल हुए विडियो में शरद यादव अपने बयान में कहा कि बेटी की इज्जत गई तो सिर्फ गांव या मोहल्ले की इज्जत जाती है लेकिन वोट एक बार बिक गया तो देश और सूबे की इज्जत चली जाती है।

कई महिलाओं की क़ुरबानी दी होगी

वही राष्ट्रिय महिला आयोग ने शरद यादव के बयान का संज्ञान लेते हुए कड़ी आपत्ति जताई है। राष्ट्रिय महिला आयोग के अध्यक्ष श्रीमती ललिता कुमारमंगलम ने कहा कि महिलाएं कोई पॉलिटिक्स टूल नहीं है जो जब चाहे इस्तेमाल कर लिया। इस बाबत राष्ट्रिय महिला आयोग ने शरद यादव को नोटिस भी जारी किया है। sharad yadav women harassment news

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गौरतलब है कि शरद यादव का यह रूप पहले भी देखने को मिला है जब उन्होंने महिलाओं पर भद्दे बयान दिए है। एक बार उन्होंने दक्षिण भारत की महिलाओं पर आपत्तिजनक बयान दिया था। अपने बयान में उन्होंने कहा था कि दक्षिण भारत की महिलाएं भले ही सांवली होती है लेकिन उनका जिस्म खूबसूरत होता है। वही कपड़ा मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा था कि मैं जनता हूँ, आप कौन है ? ये बयान उनके चरित्र को लेकर दिया गया था। जबकि एक बार उन्होंने राज्य सभा में इंश्योरेंस बिल पर बहस के दौरान कहा था कि आपके भोले भगवान काले है लेकिन आप शादी के इश्तिहारों में गोरी बहु मांगते है।  sharad yadav women harassment news

शरद यादव के बड़बोलेपन से पता चलता है कि उनके राजनैतिक इतिहास में महिलाओं के लिए कोई विशेष सम्मान नहीं है। यदि वोट की राजनीति के लिए देश की बहु-बेटी को बेचने की बात करते है तो अपने जीवन को सही प्लेटफार्म देने में उन्होंने कई महिलाओं की क़ुरबानी दी होगी। देश का दुर्भाग्य है कि सविंधान ने जो पावर नेताओं को दी है उसका वो गलत चीजों में अधिक इस्तेमाल करते है। यदि शरद यादव जैसे नेताओं की सोच लोकतांत्रिक देश में हो तो देश की महिलाएं कभी सुरक्षित नहीं रह सकती है। sharad yadav women harassment news