त्याग की सर्वोत्तम परम्परा की प्रतीक है जैन दीक्षा-श्याम जाजू




महानगरीय जीवन शैली में त्याग और समर्पण के प्रति बढ़ती उदासीनता को देखते हुये जैन परम्परा में दीक्षा के मार्ग को अपनाने को लेकर भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं दिल्ली के प्रभारी श्री श्याम जाजू ने कहा कि यह त्याग का सर्वोत्तम परम्परा का प्रतीक है।  shayam jaju address public 

अनुशासन और समर्पण जीवन के दो ऐसे पहलू हैं

उनका मानना है कि ऐसे में जहां त्याग और समर्पण की भावना की कमी खल रही हो और ऐसे में दिल्ली में 25 जैन बन्धुओं को एक साथ दीक्षा दिलवाने का पुनीत और ऐतिहासिक कार्य करके जैन मुनि आर्चाय विद्यासागर जी महाराज के शिष्य जैन मुनि श्री विनोद सागर महाराज जी ने हम सबको गौरवान्वित होने का मौका दिया है। त्याग की सर्वोत्तम परम्परा की प्रतीक है जैन दीक्षा-श्याम जाजू  shayam jaju address public 

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उल्लेखनीय है कि आज लाल किला स्थित जैन मंदिर में एक साथ 25 जैन बन्धुओं की दीक्षा कराई गई जोकि संभवतः जैन धर्म में इतनी बड़ी संख्या में पहली बार दीक्षा ली गई।  कार्यक्रम में प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता सरदार अरविन्द सिंह लवली मौजूद थे। श्री जाजू ने मुनिश्री के इस अनुठे और अनुपम पहल के प्रति अपना आभार व्यक्त करते हुये कहा कि यह परम्परा हमारे सामाजिक जीवन का अति महत्वपूर्ण तानाबाना है जो हमारे सभ्य समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देता है। shayam jaju address public 

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अनुशासन और समर्पण जीवन के दो ऐसे पहलू हैं जो आदर्श स्थिति को पैदा करते हैं और ऐसे में समाज में कोई भी व्यक्ति अपने योगदान से या सामर्थ से पीछे ना रहें और ऐसी परम्पराओं का निर्वहन अविरल जारी रहे इस शुभकामनाओं और मनोकामनाओं के साथ दीक्षित हुये जैन बन्धुओं से आग्रह किया कि वो राष्ट्र और समाज को लेकर आदर्श विचारों के निर्माण में अपना सहयोग और योगदान समर्पित करें। shayam jaju address public 



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