दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने डाॅ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी को उनके जन्मदिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की





जनसंघ के संस्थापक और पूर्व केन्द्रीय मंत्री डाॅ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी के 117वें जन्मदिवस के अवसर पर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री मनोज तिवारी तथा दक्षिणी दिल्ली नगर निगम की महापौर श्रीमती कमलजीत सहरावत और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता दिल्ली गेट स्थित शहीदी पार्क गये और वहां इस महान नेता की मूर्ति पर माल्यापर्मण किया।संध्याकाल में तालकटोरा स्टेडियम में दिल्ली भाजपा द्वारा आयोजित जीएसटी सम्बोधन कार्यक्रम के प्रारम्भ में केन्द्रीय वित्त मंत्री श्री अरूण जेटली, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष श्री मनोज तिवारी और संगठन महामंत्री श्री सिद्धार्थन के नेतृत्व में देश के लिए बलिदान देने वाले महान नेता डाॅ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी को हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं ने श्रद्धांजलि अर्पित की। shaymaprasad mukhrjee birthday janamdiwas





श्रद्धांजलि अर्पित करते हुये श्री मनोज तिवारी ने कहा कि देश को आजादी मिलने के बाद बड़ी संख्या में लोगों को यह अहसास हुआ कि कांग्रेस पार्टी अपने राजनीतिक महत्वाकांक्षा के लिए देश को एक शक्तिशाली राष्ट्र के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता से पीछे हट रही है और धर्मनिर्पेक्षता के नाम पर छोटे धार्मिक संगठनों को बढ़ावा दे रही है। इसी बात को ध्यान में रखकर डाॅ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी ने शक्तिशाली भारत बनाने के लिए जनसंघ की स्थापना की और भारत में कश्मीर के पूर्ण विलय के लिए अभियान शुरू किया। आज 70 वर्ष बाद देश के अधिकांश लोगों ने डाॅ. मुखर्जी और प्रधानमंत्री श्री मोदी के सिद्धांतों पर कार्य कर रही भारतीय जनता पार्टी को समर्थन दिया है जो छद्म धर्मनिर्पेक्ष शक्तियों और क्षेत्रीय दलों के दबाव में आये बिना कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक देश का सशक्त करने के लिए प्रयत्नशील है। shaymaprasad mukhrjee birthday janamdiwas

श्री अरूण जेटली ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की सरकार डाॅ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के आदर्शों के प्रति समर्पित है। यह सरकार पंडित दीनदयाल जी के अन्त्योदय के सिद्धांत और डाॅ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी द्वारा दिये गये नारे “एक देश में दो निशान, दो प्रधान, दो विधान नहीं चलेंगे-नहीं चलेंगे“ का पालन करते हुये सरकार ने देश में एकीकृत टैक्स व्यवस्था जी.एस.टी. लाने के लिए अथक प्रयास किये हैं और यह संतोष की बात है कि हम जम्मू-कश्मीर में भी इसे लागू करने में सफल रहे हैं।

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