सपा में फुट के आसार, शिवपाल यादव के कौमी एकता दल में शामिल होने की सम्भावना बढ़ी





यूपी चुनाव होने में कुछ महीने ही बाकी है और राजनतितिक पार्टियों में उठा-पटक जमके होने लगी है। एक ओर बसपा अपने बागी कार्यकर्ता से परेशान है तो वही सपा सुप्रीमो अपने बेटे अखिलेश से परेशान है। चाचा-भतीजे की अंदरूनी लड़ाई अब बाहर आ चुकी है और अपने छवि को बरकरार रखने के लिए सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने अपने बेटे अखिलेश यादव को जमकर फटकार लगाई है। सपा सुप्रीमो ने इसके अलावा अपने भाई शिवपाल यादव को मनाया भी है। shivpal yadav will enter quami ekta party

ये पूरा माजरा क्या है। आइये जानते है। बात दरअसल ये है की शिवपाल सिंह यादव और सपा सुप्रीमो के बेटे अखिलेश सिंह यादव के बीच एक कुनबे को लेकर लड़ाई है। शिवपाल सिंह यादव और अखिलेश यादव के बीच गहरे मतभेद का कारण मुख्तार अंसारी है। मुख़्तार अंसारी का एक कौमी एकता दल है, जिसके विलय को लेकर चाचा भतीजे में मतभेद है। shivpal yadav will enter quami ekta party

हालांकि, आज शिवपाल यादव ने इस प्रकरण को लेकर पत्रकारों को बताया कि अखिलेश यादव से हमारी कोई मतभेद नहीं है। ऐसी खबर भी आ रही है की अब जल्द ही कौमी एकता दल का विलय समाजवादी पार्टी में हो सकता है।

आपको बता दें कि कल 15 अगस्त के उपलक्ष्य पर सपा सुप्रीमो ने अपने बेटे पर तख्त पलटवार किया। मुलायम के इस टिप्पणी के बाद कौमी एकता दल के अफजल अंसारी ने मुलायम सिंह से सम्पर्क साधा था। इससे स्पष्ठ हो गया है की जल्द ही कौमी एकता दल का विलय समाजवादी पार्टी में शामिल हो सकता है। इस पुरे प्रकरण को लेकर मुलायम सिंह यादव ने कल अपने बेटे अखिलेश यादव से मुलाकात की। shivpal yadav will enter quami ekta part

शिवपाल की मांग को ठुकराया जा रहा है shivpal yadav will enter quami ekta party

सूत्रों से पता चला है की ये मुलाकात शिवपाल यादव और अखिलेश यादव के बीच विवाद को लेकर हुआ है। बाद में मुलायम सिंह ने पत्रकारों को बताया की इससे पहले भी शिवपाल यादव ने पार्टी छोड़ने की बात की थी लेकिन मैंने उसे मना लिया है। अखिलेश के मंत्री पर बोझ है पर यदि मैं खड़ा हो गया तो सब मैदान छोड़कर भाग जायेंगे। शिवपाल यादव के खिलाफ पार्टी में साजिस चल रही है। जो मैं भी समझता हूँ। shivpal yadav will enter quami ekta party

कांग्रेस ने मोदी सरकार की जमकर की तारीफ

ज्ञात हो इटावा के चुनावी रैली में शिवपाल यादव ने कहा था की यदि पार्टी में हमारा कोई स्थान नहीं है तो मैं पार्टी से इस्तीफा देकर विपक्ष में बैठूंगा। बात कौमी एकता दल को लेकर है। शिवपाल यादव चाहते है की मुख़्तार अंसारी के कौमी एकता दल का विलय समाजवादी पार्टी में हो जाए किन्तु अखिलेश ने अभी तक इसके लिए क्लीन चिट नहीं दिया है। जिसको लेकर दोनों में मतभेद पैदा हो गया है।

शिवपाल यादव का सम्बन्धी लालू प्रसाद यादव है। इस बाबत शिवपाल का झुकाव अंसारी को लेकर कुछ ज्यादा है। इस तरह  का मतभेद बिहार विधान सभा चुनाव के समय भी उतपन्न हुआ था जब शिवपाल यादव अपने भाई को महागठबंधन में शामिल होने की बात कर रहे थे। जिसे सपा सुप्रीमो ने ठुकरा दिया था। अब इस बार भी शिवपाल की मांग को ठुकराया जा रहा है।   shivpal yadav will enter quami ekta party

हालांकि, मुलायम सिंह दावा कर रहे है की इस मसले को सुलझा लिया गया है लेकिन विशेषज्ञों की माने तो चाचा-भतीजे की लड़ाई का खामियाजा सपा को भुगतना पड़ेगा और इसका सीधा असर यूपी चुनाव पर पड़ेगा। shivpal yadav will enter quami ekta party
( प्रवीण कुमार )