शिवराज सिंह चौहान की गांधीगिरी VS राहुल गाँधी की दादागिरी




मंदसौर पर पुलिसिया कार्रवाई से किसानों की मौत के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री काफी आहत हुए हैं। प्रदेश में शांति सौहार्द के लिए उपवास पर बैठ गए हैं। देशभर में मध्यप्रदेश सरकार की मंदसौर मामले को लेकर काफी किरकीरी हुई है। प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी काफी आहत हुए हैं। shivraj singh chauhan vs rahul gandhi 

विपक्ष अपने आंदोलन को किस ओर ले जाता है

तीन दिन बाद मीडिया के सामने आए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कानून व्यवस्था हमारी प्राथमिकता है और इसकी पूरी जिम्मेदारी हम लेते हैं। हम किसानों के हित में कार्य करते रहे हैं। हम उनके हितों के प्रति भी गंभीर है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि सरकार किसानों की समस्या पर काम कर रही है। shivraj singh chauhan vs rahul gandhi 

जिस प्रकार से विपक्ष ने केंद्र सरकार सहित प्रदेश सरकार को इस मुद्दे को लेकर घेरा है इसे खूब अच्छी तरह शिवराज सिंह चौहान समझ रहे हैं। इसलिए इन्होंने आनन फानन में पूरी जिम्मेदारी लेते हुए शांति बहाली की अपील की है और इसके लिए अनिश्चिकालीन उपवास पर बैठ गए हैं। shivraj singh chauhan vs rahul gandhi 

मुख्यमंत्री की कुर्सी पर खतरे मंडरा रहे हैं

गौरतलब है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी मंदसौर में किसानों से मिलने पहुंचे थे जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद मंदसौर के आसपास काफी तनाव पूर्ण माहौल बन गया है। मंदसौर मध्यप्रदेश और राजस्थान के बार्डेर जिलों के पास है और दोनों ही राज्यों में अगले साल चुनाव हैं। चुनाव की गंभीरता को देखते हुए सभी दल किसानों के मुद्दे को उठाने में लग गए हैं। shivraj singh chauhan vs rahul gandhi 

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शिवराज सिंह चौहान पर पहले ही मुख्यमंत्री की कुर्सी पर खतरे मंडरा रहे हैं क्योंकि पार्टी के भीतर एक लॉबी लगातार इनको हटाकर किसी और को बैठाना चाह रहे हैं। शिवराज सिंह चौहान पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी के खासे चेहते हैं। शिवराज सिंह चौहान अपने विरोधियों के तेवर को देखते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उपवास पर बैठ गए हैं। अब देखना है कि विपक्ष अपने आंदोलन को किस ओर ले जाता है। shivraj singh chauhan vs rahul gandhi