हमें हिन्दू और हिंदुस्तानी संस्कृति पर गर्व है : नरेंद्र मोदी sinhast-mahakumbh-vichar-sammelan




न्यूज़ डेस्क,

पीएम नरेंद्र मोदी आज सिंहस्त महाकुंभ के विचार सम्मेलन में समस्त सिंहस्त श्रद्धालुओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज विश्व दो प्रमुख समस्याओं से गुजर रहा है और इसका उपचार भारत के पास है। वर्तमान समय में विश्व आतंवाद और ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्याओं से गुजर रहा है और इसके लिए समस्त विश्व के पास कोई उपचार नहीं है। यदि किसी देश के पास इन समस्याओं का हल करने की क्षमता है तो वो भारत है। परन्तु भारत को इसके लिए अपने प्राचीन संस्कृति को समझते हुए आज के जरूरतों के अनुरुप संतुलन बनाना होगा। sinhast-mahakumbh-vichar-sammelan

सिंहस्त कुम्भ में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय विचार महाकुंभ के समापन समारोह में कई महत्वपूर्ण बाते कही। उन्होंने कहा कि भारत में क्षमतों का भंडार है और यह भंडार दैवीय प्राप्त है। सिंहस्त महाकुंभ इस दैवीय स्थान का पवित्र पर्व है। भारत देश का हर एक हिस्सा पावन है। भारत के कण-कण में देवी-देवता व्याप्त है। यही कारण है कि आज भारत की पहचान विश्व पटल पर शांतिदूत और धार्मिक स्थल के रूप में है। भारत शांति प्रिय देश है और यह हमे अपनी पूर्वजों से प्राप्त मुख्य हथियार है जो आज भी समस्त विश्व को एक सूत्र में बांधने का माद्दा रखता है। sinhast-mahakumbh-vichar-sammelan

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा हम उस संस्कृति और संस्कार के लोग है जंहा एक भिखारी भी कहता है ” जो देगा उसका भी भला होगा, जो ना देगा उसका भी भला होगा ” ये कोई सामान्य बात नहीं है। इससे पता चलता है कि हमारी संस्कृति में मूल संस्कार है। sinhast-mahakumbh-vichar-sammelan

उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री ने देश की जनता से अपील की था कि जो सामर्थ्यवान है वो एक टाइम भूखे रहे। मैं भी देश की जनता से अपील करता हूँ कि जो सामर्थ्यवान है वो अपने गैस सिलेंडर पर मिल रहे सब्सिडी को छोड़ें ताकि उस रकम से देश के गरीबों में गैस सिलेंडर बाटेंगे ताकि उनका स्वास्थ्य सही रहे और जंगलों का संरक्षण हो सके। कार्बन गैस का कम उत्सर्जन हो।

उन्होंने कहा कि बदलाव जीवन है। हमें बदलाव को स्वीकार करना चाहिए। जरूरत है कि हम खुद को कमजोर ना होने दें। उन्होंने कहा कि हमारे पास संस्कृति की ऐसी सम्पन्न परंपरा है जो भविष्य में भी हमें प्रगतिशील बनाये रखेगा।

उन्होंने कहा कि हम उस धरती के वंशज है जंहा धरती को भी माता कहकर पुकारा जाता है। आज भी बच्चों को सुबह उठने पर धरती माता का प्रणाम करने का आदर सिखाया जाता है। आज विश्व सूरज दिवस, चाँद दिवस, धरती दिवस, जल दिवस आदि मनाते है। किन्तु हम उस धरातल के वासी है जंहा सूरज को चाचू और चन्दा को मामा कहके बुलाते है।

अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत का भविष्य उज्जवल है और हम विश्वास दिलाते है कि एक दिन पुनः भारत अपने संस्कृति और संस्कार के जरिये सबसे शक्तिशाली देश बनेगा। हमें हिन्दू और हिंदुस्तानी संस्कृति पर गर्व है : नरेंद्र मोदी sinhast-mahakumbh-vichar-sammelan